
अलर्ट! पैरासिटामॉल, Pan D और कैल्शियम सप्लीमेंट्स समेत कई दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल
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कोलकाता स्थित एक सरकारी प्रयोगशाला ने अल्केम हेल्थ साइंस की एंटीबायोटिक दवाओं, क्लैवम 625 और Pan D, को मानकों के अनुरूप नहीं पाया. हैदराबाद स्थित हेटेरो की सेपोडेम XP 50 ड्राई सस्पेंशन, जो बच्चों में गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण के लिए तय की जाती है, वह भी क्वालिटी स्टैंडर्ड के मुताबिक खरी नहीं उतरी.
भारत के ड्रग नियामक, CDSCO द्वारा अगस्त में किए गए क्वालिटी टेस्ट में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, विटामिन, कैल्शियम डी3 सप्लीमेंट्स, बच्चों में बैक्टीरियल संक्रमण, एसिड रिफ्लक्स और पेट संक्रमण की कई दवाएं क्वालिटी स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतरीं हैं.
भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने अगस्त 2024 में एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में देशभर में आमतौर पर उपयोग की जाने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं गुणवत्ता परीक्षण (क्वालिटी टेस्ट) में फेल पाई गईं. इन दवाओं में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एसिड रिफ्लक्स, विटामिन और कैल्शियम सप्लीमेंट्स, साथ ही बच्चों के लिए बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज के लिए दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं शामिल थीं. रिपोर्ट के अनुसार, इन दवाओं को NSQ (गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं- नो स्टैंर्ड क्वालिटी) घोषित किया गया है.
ये दवाएं हुईं टेस्ट में फेल रिपोर्ट में इन दवाओं की क्वालिटी, स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतरी
पैरासिटामोल टैबलेट्स (500 mg): हल्के बुखार और पेन किलर के तहत प्रयोग की जाती है, आमतौर पर ये प्राथमिक उपचार का हिस्सा है और हर घर में सामान्य तौर पर पाई ही जाती है.
ग्लाइमेपिराइड: यह एक एंटी-डायबिटिक दवा है, जिसका उपयोग शुगर के इलाज में किया जाता है. इसका निर्माण अल्केम हेल्थ ने किया था.
टेल्मा H (टेल्मिसर्टान 40 mg): ग्लेनमार्क की यह दवा हाई बीपी के इलाज में दी जाती है. परीक्षण में यह दवा भी बिलो स्टैंडर्ड रही है.

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