
अमृतपाल सिंह गिरफ़्तारी से बचने के लिए क्या पैंतरे आजमा रहा: दिन भर, 29 मार्च
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कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में इस बार कौन से मुद्दे हावी हैं और बीजेपी-कांग्रेस के लिए क्या दांव पर लगा है? पुलिस की पहुंच से दूर अमृतपाल सिंह क्या अब सरेंडर करने वाला है? दिल्ली में SCO के सदस्य देशों के NSA बैठक का एजेंडा क्या रहा और क्या 2000 रुपये से अधिक का UPI ट्रांजेक्शन महंगा होने वाला है, सुनिए आज के 'दिन भर' में नितिन ठाकुर से.
कर्नाटक चुनाव का शंखनाद हो चुका है. आज केंद्रीय चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया. 10 मई को वोट डाले जाएंगे और 13 मई को नतीजे आएंगे. विधानसभा की सभी 224 सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ने आज ये भी बताया कि नॉमिनेशन फाइल करने की अंतिम तारीख 20 अप्रैल है, और वापस लेने की 24 अप्रैल. इस ऐलान के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई है.
कर्नाटक में इस बार क़रीब 5 करोड़ 21 लाख वोटर वोट डालेंगे और 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटर घर बैठे ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. साल 2018 में कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर यहां सरकार बनाई थी, एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन 14 महीने बाद ही ये सरकार गिर गई. बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस से छिटके विधायकों को जोड़ कर BJP की सरकार बना ली थी. हालाँकि BJP के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में सीएम बदलने का फैसला किया और 2 साल बाद येदियुरप्पा को भी मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा. इसके बाद बसवराज बोम्मई, बीएस येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी चुने गए. आज चुनाव के डेट अनाउंस होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी तैयार है.
बीजेपी दावा कर रही है कि उसकी चुनावी तैयारी पूरी है. बाकी पार्टियां कितनी तैयार हैं और इस बार चुनाव में किन मुद्दों का ज़ोर है, पार्टियों के लिया क्या दांव पर लगे हैं और क्या बोम्मई सरकार के ख़िलाफ़ एंटी इनकंबेंसी फ़ैक्टर भी देखने को मिल रहा है, सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.
वारिस पंजाब दे नामक विवादित संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस ने आसमान-ज़मीन एक किया हुआ है. लेकिन अमृतपाल अबतक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है. बीच बीच में उसकी तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज आते रहते हैं. आज अचानक खबरें आईं कि अमृतसर में अमृतपाल सिंह आज सरेंडर कर सकता है और इसके बाद पुलिस की गतिविधियां बढ़ गईं. इस बीच अमृतपाल सिंह का एक वीडियो संदेश सामने आया है, जिसे उसने फेसबुक पर लाइव किया है. वीडियो में अमृतपाल ने कहा कि वह बिल्कुल ठीक है और सरकार ने मजबूर लोगों को जेल में डाला है. तो अमृतपाल को लेकर लेटेस्ट अपडेट क्या है? पुलिस और इंटेलिजेंस की पकड़ से कैसे बार बार बच निकल रहा है वो और गुरूद्वारे में क्यों सरेंडर करना चाहता है, सुनिए 'दिन भर' की दूसरी ख़बर में.
SCO यानी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन ऐसा संगठन है जो दुनिया की करीब 40% आबादी को कवर करता है. भारत, चीन, पाकिस्तान समेत आठ देश इसके मेंबर हैं. इस दफा भारत ने समिट की कमान संभाली हुई है और इसी कड़ी में आज नई दिल्ली में SCO देशों के NSAs की बैठक हुई. पाकिस्तान के मीटिंग में आने पर संशय था मगर वो शामिल हुआ लेकिन वर्चुअली. इसमें एक नाम चीन का भी था.

Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










