
अमरमणि-आनंदमोहन के बाद क्या अब जेल से बाहर आएगा ये अंडरवर्ल्ड डॉन? कोर्ट से लेकर योगी सरकार तक लगाई गुहार
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बरेली सेंट्रल जेल के जेलर ने 18 अगस्त 2023 को उसका निरुद्धि प्रमाण पत्र जारी किया है. वो कैरेक्टर सर्टिफिकेट 80 के दशक के डॉन रहे, उस ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव का है, जिसे भारत में किडनैपिंग इंडस्ट्री का सबसे बड़ा किंगपिन भी कहा जाता था.
Don Bablu Srivastava: अभी हाल ही में उम्रकैद की सजा पाए कई कैदियों की सजा को माफ कर दिया गया. उन्हें वक्त से पहले रिहा कर दिया गया. जिन राज्यों सरकारों ने ऐसा किया उनमें गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश शामिल है. अब यूपी में ही 28 साल से जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव ने भी उसकी बाकी की सजा माफ कर दिए जाने की गुहार हाई कोर्ट से लगाई है. उसे वक्त से पहले रिहा कर देने की मांग की गई है. जिस बरेली सेंट्रल जेल में बबलू सजा काट रहा है, उसके जेलर ने भी एक तरह से उसकी रिहाई की सिफारिश की है.
केस नंबर-1गुजरात का बिल्किस बानो गैंगरेप केस उस एक महिला के साथ गैंगरेप के मामले में अदालत ने 11 दोषियों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. लेकिन गुजरात सरकार ने तमाम कानूनों को ताक पर रख कर 14 साल बाद अचानक सभी के सभी दोषियों को जेल से रिहा कर दिया.
केस नंबर-2गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की हत्या बिहार के बाहुबली नेता आनंदमोहन को इस हत्याकांड के मामले में पहले फांसी की सजा दी गई थी और बाद में उसे उम्र क़ैद की सज़ा में बदल दिया गया था. मगर 16 साल बाद अचानक आनंद मोहन को जेल से रिहा कर दिया गया.
केस नंबर-3लखनऊ में कवियित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या इस जघन्य हत्याकांड के दोषी राज्य के तत्कालीन मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उसकी बीवी मधुमणि को अदालत ने उम्र कैद की सज़ा सुनाई थी. लेकिन 20 साल बाद दोनों पति-पत्नी जेल से रिहा कर दिए गए. हालांकि ये दोनों दस साल से ज्यादा वक्त तक बीमारी के नाम पर अस्पताल में ही रहे.
28 साल से उम्र कैद की सजा काट रहा है ये कैदी वक्त से पहले इन तमाम लोगों की रिहाई को लेकर तमाम सवाल उठे. लेकिन दलील दी गई कि जेल में इनका बर्ताव बहुत अच्छा था. फिर अच्छी खासी उम्र भी कैद में काट डाली. इसीलिए इनकी रिहाई तो बनती है. तो अगर जेल के अंदर एक तय उम्र काटने वाले कैदियों का अच्छा आचरण और उसकी ढलती उम्र ही वक्त से पहले उसकी रिहाई का पैमाना है तो फिर उस लेटर के बारे में क्या कहेंगे? उम्र कैद में से कायदे से सिर्फ 12 -13 साल जेल में काटने वाले अमरमणि को तो यूपी सरकार रिहा कर देती है. लेकिन यहां एक कैदी पिछले 28 सालों से उम्र कैद की सजा काट रहा है, और खुद जेलर ये लिख रहा है कि उसका आचरण अच्छा है, फिर भी वो रिहा नहीं होता.
बबलू श्रीवास्तव का निरुद्धि प्रमाण पत्र जारी बरेली सेंट्रल जेल के जेलर ने 18 अगस्त 2023 को उसका निरुद्धि प्रमाण पत्र जारी किया है. यानि एक तरह से स्कूल कॉलेज में छात्रों को दिए जाने वाला कैरेक्टर सर्टिफिकेट. वो कैरेक्टर सर्टिफिकेट 80 के दशक के डॉन रहे, उस ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव का है, जिसे भारत में किडनैपिंग इंडस्ट्री का सबसे बड़ा किंगपिन भी कहा जाता है. बरेली जेल से जारी किए गए उसके कैरेक्टर सर्टिफिकेट में लिखा है कि 18 अगस्त 2023 तक बबलू श्रीवास्तव ने कुल 28 साल तीन महीने और 28 दिन जेल में काटे. जबकि जेल में मिलने वाली छुट्टियां और छूट को जोड़ दें तो 18 अगस्त 2023 तक बबलू श्रीवास्तव जेल के अंदर कुल 33 साल तीन महीने और 14 दिन से बंद है. जेलर की आखिरी लाइन है कि बंदी का इस कारागार में आचरण अच्छा है.

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