
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को मलाड में अवैध निर्माण के लिए BMC ने भेजा नोटिस, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
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बीएमसी ने मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 351 (1ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है. उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटाया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए.
मुंबई के मड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) गंभीर हो गई है. अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है. दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मलाड के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है. नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए. अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे. अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
यह कोई एक मामला नहीं है. बीएमसी ने मड एरिया में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे. अधिकारियों का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं. बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, 'एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान दो एक से अधिक मेजेनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंटों, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए. ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना क्षेत्र में बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.'
बीएमसी ने मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 351 (1ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है. उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटाया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए. अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो नगर निकाय संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक कि जेल भी हो सकती है. इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने फ्री प्रेस जर्नल से बातचीत में बीएमसी नोटिस पर कहा, 'मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है. कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपने जवाब भेज रहे हैं.'

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