
अब EV बैटरियों का भी बनेगा आधार! BPAN से लगेगी फर्जीवाड़े पर लगाम, जानें नया सिस्टम
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Electric Car Battery Aadhaar: बैटरी पैक आधार नंबर (BPAN) एक खास 21 अंकों का अल्फान्यूमेरिक आइडेंटिफिकेशन (पहचान) नंबर होगा, जो हर इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी को दिया जाएगा. यह नंबर QR कोड के रूप में भी मौजूद रहेगा.
EV Battery Pack Aadhaar Number: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ते चलन के बीच अब उनकी बैटरियों को लेकर भी सरकार एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बैटरी पैक आधार नंबर यानी BPAN फ्रेमवर्क का एक ड्राफ्ट प्रपोज किया है. इसका मकसद हर इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी को एक यूनिक आइडेंटिटी देना और उसके पूरे लाइफ साइकिल को आम लोगों के लिए ज्यादा बेहतर और पारदर्शी बनाना है. इस पहल से न सिर्फ आम कार मालिकों को फायदा मिलेगा, बल्कि इंडस्ट्री और सरकार दोनों के लिए निगरानी और सेफ्टी आसान होगी. तो आइये जानें क्या है ये नया BPAN मसौदा.
BPAN एक खास 21 अंकों का अल्फान्यूमेरिक आइडेंटिफिकेशन (पहचान) नंबर होगा, जो हर इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी को दिया जाएगा. यह नंबर QR कोड के रूप में भी मौजूद रहेगा, जिसे मशीन आसानी से पढ़ सकेगी. इसकी मदद से यह पता लगाया जा सकेगा कि बैटरी कब बनी, कहां लगी, कब सर्विस हुई और आखिर में उसका रिसाइक्लिंग कैसे हुआ. यह व्यवस्था पहले सुझाए गए बैटरी पासपोर्ट सिस्टम जैसी ही है, जिसे भारत और अन्य देशों में लागू करने पर विचार हो चुका है.
इस फ्रेमवर्क की शुरुआत इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों से होगी. आगे चलकर यह 2 kWh या उससे अधिक क्षमता वाली सभी बैटरियों पर लागू किया जा सकता है. हालांकि आम इलेक्ट्रॉनिक सामान में इस्तेमाल होने वाली छोटी बैटरियां इस नियम के दायरे में नहीं आएंगी. फिलहाल ये केवल इलेक्ट्रिक वाहनों वाले बैटरियों पर लागू किया जाएगा.
BPAN सिस्टम के जरिए ग्राहक अपनी बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग तारीख, असली या नकली होने की जानकारी और बैटरी हेल्थ पर नज़र रख सकेंगे. इससे अनधिकृत बैटरी बदलने या छेड़छाड़ को रोका जा सकेगा. साथ ही बैटरी की लाइफ और उसकी क्वालिटी को लेकर भरोसा बढ़ेगा.
सरकार और बैटरी निर्माताओं के लिए यह सिस्टम कच्चे माल की सोर्सिंग, ट्रांसपोर्ट, सेकंड लाइफ रियूज, सेफ रिसाइक्लिंग और मिनरल रिकवरी तक हर कदम पर पारदर्शिता लाएगा. बड़े स्तर पर डेटा मिलने से भविष्य में ज्यादा सुरक्षित, टिकाऊ और बेहतर बैटरियां बनाने में मदद मिलेगी. इसमें बीमा कंपनियां, पुरानी गाड़ी खरीदने वाले, बैंक, वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसियां और सर्विस प्रोवाइडर को भी लाभ मिलेगा.
BPAN के तहत बैटरी से जुड़ा कई तरह का डेटा स्टोर किया जाएगा. इसमें बैटरी मैन्युफैक्चरर आइडेंटिफायर, बैटरी डिस्क्रिप्टर, बैटरी आइडेंटिफायर, मटेरियल कंपोजिशन, कार्बन फुटप्रिंट और डायनामिक डेटा शामिल होगा. यह डेटा यूरोप में बन रहे बैटरी पासपोर्ट स्टैंडर्ड के जैसा ही होने की संभावना है. ताकि भविष्य में ग्लोबल स्टैंडर्ड से तालमेल बैठाया जा सके. सरकार इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाएगी.

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