
अनुराग ठाकुर को मोदी कैबिनेट में जगह नहीं, BJP संगठन में मिल सकता है अहम दायित्व
AajTak
मोदी सरकार के 3.0 के इस मंत्रिमंडल में कई पुराने चेहरों को जगह नहीं मिली है.इनमें एक नाम ऐसा है जो पिछली मोदी सरकार में सूचना और प्रसारण जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, लेकिन इस बार उनका नाम मंत्रिमंडल की संभावित लिस्ट में शामिल नहीं है.
नरेंद्र मोदी आज लगातार बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संभावित मंत्रियों के साथ अपने आवास पर बैठक की. यह बैठक कुछ देर पहले खत्म हुई है. सरकार के नए मंत्रियों में अब तक जो नाम सामने आए हैं उनमें में अमित शाह, जे पी नड्डा, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, एस जयशंकर, पीयूष गोयल, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे कई अन्य चेहरे भी शामिल हैं. इन चेहरों में जो नाम शामिल नहीं है वो है केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का, जो पिछली मोदी सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री थे.
अनुराग ठाकुर पहले केंद्र में वित्त राज्य मंत्री रहे और बाद में उन्हें खेल और बाद में सूचना और प्रसारण जैसा अहम मंत्रालय दिया गया. लेकिन इस बार अनुराग ठाकुर इस कैबिनेट में जगह नहीं मिली है. कहा जा रहा है कि कुछ समय बाद जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिलेगा तो उसके बाद अनुराग ठाकुर को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है.
यह भी पढ़ें: 'अनुराग ठाकुर PM मोदी और CM योगी के नक्शे-कदम पर...', कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत
नड्डा और ठाकुर दोनों ही हिमाचल से
अनुराग ठाकुर के अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी हिमाचल प्रदेश से आते हैं, जिनका पार्टी अध्यक्ष पद का कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है. जेपी नड्डा को इस बार मोदी कैबिनेट में जगह मिल रही है तो जल्द ही उनकी जगह नए अध्यक्ष का चुनाव होगा. इस बात की पूरी संभावना है कि नए अध्यक्ष का चुनाव होते ही अनुराग ठाकुर को एक बार फिर संगठन में अहम दायित्व मिल सकता है.
2014 से लेकर 2019 तक जब जेपी नड्डा केंद्र में मंत्री थे तो उस दौरान अनुराग ठाकुर संगठन में रहे और अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन किया. उसके बाद जैसे ही नड्डा बीजेपी अध्यक्ष बने तो उन्होंने मंत्री पद छोड़ा और फिर अनुराग ठाकुर को केंद्र में अहम जिम्मेदारी मिल गई.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










