
'अधूरी जानकारी, बढ़ा-चढ़ाकर मांगी रकम...', सरकार ने खारिज किए किडनैपर रोहित आर्या के बकाया भुगतान के आरोप
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महाराष्ट्र सरकार ने रोहित आर्या की स्वच्छता मॉनिटर पहल में खर्च की जानकारी को अस्पष्ट और बढ़ा-चढ़ाकर बताया है. आर्या की कंपनी द्वारा बिना मंजूरी के स्कूलों से शुल्क वसूलने और तकनीकी स्पष्टता न होने के कारण परियोजना के दूसरे चरण को लागू नहीं किया गया.
महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि रोहित आर्या की ओर से दी गई खर्च की जानकारी 'अस्पष्ट और बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई' थी. रोहित आर्या वही व्यक्ति है जिसने गुरुवार को पवई के एक एक्टिंग स्टूडियो में 19 लोगों को बंधक बना लिया था और बाद में पुलिस ऑपरेशन में मारा गया. सरकार का कहना है कि आर्या की प्रस्तावित परियोजनाओं में तकनीकी स्पष्टता की कमी थी और जरूरी दस्तावेज भी ठीक से उपलब्ध नहीं कराए गए थे.
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, आर्या की मीडिया कंपनी ‘अप्सरा मीडिया एंटरटेनमेंट नेटवर्क’ ने 'लेट्स चेंज' प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छता मॉनिटर पहल शुरू की थी. इसे सरकार ने 27 सितंबर 2022 को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के माध्यम से मंजूरी दी थी. इसके बाद 30 जून 2023 को अगला प्रस्ताव भी मंजूर किया गया और इस अभियान के पहले चरण के लिए 9.9 लाख रुपये जारी किए गए थे.
'बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई खर्च की जानकारी'
बाद में, साल 2023-24 में शिक्षा विभाग ने ‘मुख्यमंत्री माझी शाला, सुंदर शाला’ (मेरी स्कूल, सुंदर स्कूल) अभियान के तहत स्वच्छता मॉनिटर के दूसरे चरण को लागू करने के लिए 2 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि आर्या की ओर से दी गई खर्च की जानकारी और परियोजना मानकों में 'स्पष्टता नहीं थी और रकम बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई थी.'
सरकारी दस्तावेज में कहा गया, 'विज्ञापन, प्रबंधन लागत, तकनीकी सहायता और ‘लेट्स चेंज’ फिल्म के ऑनलाइन वितरण पर खर्च जैसे तत्व अस्पष्ट और बढ़े-चढ़े पाए गए. मूल्यांकन मानकों, संचालन दिशानिर्देशों या न्यूनतम मानकों के अनुपालन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.'
दोबारा मांगे 2.41 करोड़ रुपये

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