
अतीक-अशरफ को क्यों मारा, साजिश के पीछे कौन? ऐसे ही 15 सवालों के जवाब हत्यारों से जानने प्रतापगढ़ जेल पहुंची SIT
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माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात प्रयागराज में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई. पुलिस घेरे में इस दोहरे हत्याकांड को अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने अंजाम दिया. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. दोनों की मौके पर मौत हो गई.
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के हत्यारों से आज पूछताछ की जा सकती है. SIT तीनों शूटरों को प्रतापगढ़ जेल से प्रयागराज लाया गया है. जहां कोर्ट में पेश कर तीनों हत्यारों सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य की रिमांड की मांग करेगी. इसके बाद SIT उनसे पूछताछ करेगी. अतीक-अशरफ को क्यों मारा, इस पूरी साजिश के पीछे कौन कौन है?... माना जा रहा है कि एसआईटी तीनों शूटरों से ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब जानने की कोशिश करेगी, ताकि इस हत्याकांड का खुलासा हो सके.
1- अतीक-अशरफ को क्यों मारा? 2- इस पूरी साजिश के पीछे कौन? 3- हथियार कहां से मिले? 4- फंडिंग कहां से मिली? 5- हत्याकांड की प्लानिंग कैसे की? 6- दोहरे हत्याकांड की प्लानिंग में कौन कौन शामिल? 7- क्या सुपारी लेकर हत्या की? 8- तीनों एक दूसरे से कैसे मिले? 9- क्या तीनों एक दूसरे को पहले से जानते थे? 10- जिस बाइक से आए, वह कहां से मिली? 11- मीडिया का आई कार्ड और कैमरा कहां से लिया ? 12- बिना मोबाइल के कैसे एकजुट हुए ? 13- मारकर भागे क्यों नहीं? 14- क्या सिर्फ माफिया बनने के लिए की गई हत्या? 15- क्या पहले किसी माफिया के लिए काम किया?
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात प्रयागराज में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई. पुलिस घेरे में इस दोहरे हत्याकांड को अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने अंजाम दिया. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ ने मीडिया से बात करना शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान करीब 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोली अतीक अहमद को लगीं. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
अतीक हत्याकांड में शामिल सनी हमीरपुर, अरुण उर्फ कालिया कासगंज और लवलेश तिवारी बांदा जिले का रहने वाला है. लवलेश तिवारी बांदा के क्योतरा का रहने वाला है. लवलेश के खिलाफ चार पुलिस केस हैं. वह लड़की को थप्पड़ मारने के आरोप में जेल जा चुका है. सनी सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे का रहने वाला है. वो कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है. उसके खिलाफ करीब 15 केस दर्ज हैं. जबकि अरुण ने जीआरपी थाने में तैनात पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद से ही वो फरार था.
अतीक एक बार सांसद और 5 बार विधायक रहा. उस पर 100 से ज्यादा केस थे. अतीक अहमद का नाम हाल ही में प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्या केस में सामने आया. 24 फरवरी को प्रयागराज की सड़कों पर दिनदहाड़े उमेश पाल और उसके दो गनर्स की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल 19 साल पहले हुए राजू पाल हत्याकांड का मुख्य गवाह थे. इस केस में अतीक और अशरफ मुख्य आरोपी थे. उमेश पाल की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता समेत 9 लोगों पर मामला दर्ज कराया था.
(इनपुट- सुनील)

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