
अघोरी बाबाओं की रहस्यमय जिंदगी, इन गुप्त मंदिरों में करते हैं अनुष्ठान
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अघोरियों को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है. हिंदू धर्म में कई तरह के साधु-संत होते हैं पर अघोरी इन सबसे अलग हैं. यह सांसारिक और गृहस्थ जीवन से दूर रहकर शिवजी की भक्ति में लीन रहते हैं.
अघोरियों को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है. हिंदू धर्म में कई तरह के साधु-संत होते हैं पर अघोरी इन सबसे अलग हैं. यह सांसारिक और गृहस्थ जीवन से दूर रहकर शिवजी की भक्ति में लीन रहते हैं. अघोरी और नागाओं की वेशभूषा दूसरे बाबाओं से काफी अलग होती है. वे भगवान शिव की तरह अपने शरीर पर श्मशान की भस्म लगाते हैं और अपना ज्यादातर समय तंत्र साधना करते हुए ध्यान में लीन रहकर बिताते हैं. अघोरी माता काली और भगवान शिव के भैरव अवतार को अपना गुरु मानते हैं. जिस तरह से भगवान शिव और माता काली अपने शरीर पर मुंडों की माला यानी कपाल धारण करते हैं उसी तरह से अघोरी भी मुर्दो का कपाल पहनते हैं.More Related News

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