
Weather Update: क्या चली गई ठंड या बारिश से फिर गिरेगा तापमान? अगले 3 दिन तक इन राज्यों में बरसेंगे बादल
AajTak
देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो आज न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. हालात ये हैं कि फरवरी के महीने में दिल्ली में तापमान 30 के करीब पहुंच चुका है. हालांकि अब नए पश्चिमी विक्षोभ से इसमें कमी देखी जा सकती है.
साल 2025 की शुरुआत ठंड के लिहाज से बेहद फीकी रही. जनवरी महीने के बाद फरवरी महीने में भी तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा है और बारिश में भी लगातार कमी दर्ज हो रही है. हालांकि अब एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. इसके असर से आज (18 फरवरी) और अगले दो दिन तक कई राज्यों में बारिश के आसार हैं.
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का क्या है हाल, देखें खास कवरेज
मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एजेंसी, स्काईमेट के मुताबिक, आज दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिणी हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है. गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर भारत और मध्य उत्तर प्रदेश में भी आज हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा 19 और 20 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, गंगा के मैदानी इलाकों (पश्चिम बंगाल, ओडिशा) और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम, यहां जानिए अपडेट
दिल्ली का मौसम

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






