
Weather Today: दिल्ली-NCR में बदला मौसम, गुरुग्राम में तेज हवाओं के साथ बारिश, चुभती-जलती गर्मी से मिली राहत
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दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में लोगों को चुभती-जलती गर्मी से राहत मिल गई है. अचानक मौसम बदला और धूलभरी आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई. मौसम के करवट बदलने से लोगों को भीषण गर्मी की तपिश से थोड़ी राहत मिली है. मौसम विभाग की मानें तो आज मौसम सुहावना बना रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आज (शनिवार) दोपहर मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश की बूंदों से लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. पश्चिमी दिल्ली में धूल भरी आंधी चलने से दिन में ही अंधेरा छा गया. वहीं, कुछ जगहों पर बूंदाबांदी देखने को मिली. दिल्ली से सटे गुरुग्राम में कई हिस्सों में मध्यम बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग (IMD) ने अपने पूर्वानुमान में 1 जून को दिल्ली-एनसीआर में 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी होने का अंदेशा जताया था. दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून के आगमन से पहले ही बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो दिल्ली में मॉनसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं. बता दें कि केरल में मॉनसून का आगमन हो चुका है और जल्द ही यह अन्य राज्यों तक पहुंच सकता है. इसके अलावा दिल्ली में 30 जून तक मॉनसून दस्तक दे सकता है. दिल्ली में कल भी हो सकती है बरसात मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में कल यानी 2 जून को भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. इस दौरान तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को गर्मी की तपिश से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. IMD के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून समय से दो दिन पहले ही यानी 15 जून तक पहुंचने की संभावना है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 29 मई को केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में एंट्री की थी. आमतौर पर 15 जुलाई तक मॉनसून पूरे देश को कवर कर लेता है.
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आने वाली नमी के चलते तापमान में दो डिग्री से ज्यादा की गिरावट आ सकती है. मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, दक्षिण अरब सागर के शेष हिस्सों, लक्षद्वीप और केरल, कर्नाटक के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों, असम और मेघालय, और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में मॉनसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं.

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