
UP Election: कबीर मठ में प्रियंका गांधी ने डाला डेरा, दलित वोटरों को साधने की रणनीति?
AajTak
उत्तर प्रदेश में सातवें चरण के मतदान से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कबीर चौरा मठ में अपना डेरा डाल दिया है. इसके जरिए वह कबीर को मानने वाले दलितों और अति पिछड़ी जातियों में राजनीतिक संदेश देना चाहती हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के सातवें चरण के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी शुक्रवार को वाराणसी के कबीर चौरा मठ पहुंचीं. वह यहां अगले 3 दिन तक रहेंगी. प्रियंका गांधी ने कबीरदास की मूलगाड़ी में दर्शन भी किया. इस मौके पर महंत ने कबीरदास की यादें साझा कीं. "धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय"। कबीरदास जी महाराज की शरण में, कबीर चौरा मठ, वाराणसी। pic.twitter.com/nfXFrgpW56

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










