
UNSC में वीटो पावर की क्यों छिड़ी है लड़ाई? भारत समेत कौन-कौन से हैं दावेदार? जानें सबकुछ
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की वकालत हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बाद अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा कि सुधार की जरूरत को नकारा नहीं जा सकता. भारत अभी सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है और लंबे समय से स्थायी सदस्यता देने की मांग कर रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के बाद अब विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की वकालत की है. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि हमने कभी ये नहीं सोचा कि ये आसान प्रक्रिया है, लेकिन हमारा मानना है कि सुधार की जरूरत को हमेशा के लिए नहीं नकारा जा सकता.
कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए बाइडेन ने भी कहा था कि अब समय आ गया है कि सुरक्षा परिषद में ऐसे सुधार किए जाएं जो आज की जरूरत को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें.
बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी, दोनों सदस्यों को बढ़ाने का समर्थन करता है. इनमें वो देश भी शामिल हैं, जिनकी स्थायी सदस्यता की मांग का समर्थन हम लंबे समय से करते आ रहे हैं.
बुधवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मेरा मानना है कि राष्ट्रपति (जो बाइडेन) ने कहा, वो सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए अमेरिकी समर्थन को दिखाता है. उन्होंने कहा कि ये किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, ये हम सभी और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों पर निर्भर करता है.
पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद है क्या? वीटो पावर को लेकर क्या है लड़ाई? स्थायी सदस्यता के लिए भारत के अलावा और कौन-कौन से दावेदार हैं? जानते हैं...
क्या है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद?

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