
UCC पर केंद्र सरकार ने उठाया पहला बड़ा कदम, GoM गठित कर चार मंत्रियों को दी अहम जिम्मेदारी
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समान नागरिक संहिता पर केंद्र सरकार ने पहला बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया है जिसमें चार मंत्रियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है. इस जीओम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री किरण रिजीजू करेंगे.
समान नागरिक संहिता पर सरकार ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया है. वरिष्ठ मंत्रियों का इस अनौपचारिक जीओएम यानी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में जगह दी गई है. इस जीओएम की अध्यक्षता किरण रिजीजू करेंगे और जीओएम के बाक़ी सदस्य स्मृति ईरानी, जी किशन रेड्डी और अर्जुन राम मेघवाल होंगे. बुधवार को इन मंत्रियों की बैठक भी हुई.
मंत्रियों को दिया अलग-अलग जिम्मा
ये मंत्री समान नागरिक संहिता से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे.जैसे आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर किरण रिजीजू, महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्मृति ईरानी, पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े मुद्दों पर जी किशन रेड्डी और कानूनी पहलुओं पर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विचार करेंगे. इन मंत्रियों की पूर्वोत्तर के कुछ मुख्यमंत्रियों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है.
समान नागरिक संहिता पर आगे बढ़ने की दिशा में यह केंद्र सरकार की ओर से पहला गंभीर कदम है. पीएम मोदी ने भोपाल में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं से अपने संवाद में समान नागरिक संहिता की वकालत की थी. उसके बाद अब केंद्र सरकार ने इस दिशा में आगे कदम बढ़ाया है. इनमें से कुछ मंत्रियों की इस बारे में बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा से भी मुलाकात हुई थी.
PM मोदी ने भोपाल में छेड़ा था UCC का मुद्दा
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के भोपाल में अपने संबोधन के दौरान UCC को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारत के मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल ऐसा कर रहे हैं. एक घर में एक सदस्य के लिए एक कानून हो और दूसरे के लिए दूसरा तो घर चल पायेगा क्या? तो ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं. ये अगर मुसलमानों के सही हितैषी होते तो मुसलमान पीछे नहीं रहते. सुप्रीम कोर्ट बार-बार कह रहा है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लाओ, लेकिन ये वोट बैंक के भूखे लोग ऐसा नहीं करना चाहते.

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