
Tyson... इंडियन आर्मी का वो जाबांज योद्धा, जिसने गोली खाकर भी आतंकियों को जहन्नुम तक पहुंचाया
AajTak
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ अभियान के दौरान सेना के के9 डॉग टाइसन ने असाधारण बहादुरी दिखाई. उसने आतंकियों की लोकेशन ट्रेस कर जवानों की मदद की, लेकिन मुठभेड़ में गोली लगने से गंभीर घायल हो गया. टाइसन को तुरंत उधमपुर सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है. प्रशिक्षित सैन्य डॉग के रूप में वह कई अहम ऑपरेशनों का हिस्सा रहा है. उसकी वीरता ने एक बार फिर बेजुबान योद्धाओं के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर किया है.
जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ के घने जंगलों में रविवार सुबह से ही सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं. घाटी को आतंकवाद मुक्त करने के अभियान के तहत सेना लगातार दहशतगर्दों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को मार गिराया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है और चौथा जवानों से घिरा हुआ है. हालांकि इस मुठभेड़ की चर्चा के बीच एक और नाम सामने आया, सेना के K9 यूनिट का प्रशिक्षित डॉग 'टाइसन', जिसने अपनी बहादुरी से सभी का ध्यान खींच लिया.
गोली लगने के बाद भी नहीं रुका टाइसन मुठभेड़ के दौरान टाइसन ने आतंकियों की तलाश में आगे बढ़कर अहम भूमिका निभाई. बताया जा रहा है कि जैश के आतंकी आदिल तक पहुंचने में भी उसने सुरक्षाबलों की मदद की थी. गोली लगने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और जवानों को आतंकियों के ठिकाने तक पहुंचाने में जुटा रहा.
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ घायल सूत्रों के अनुसार किश्तवाड़ में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. टाइसन हमेशा की तरह सबसे आगे रहकर लोकेशन ट्रैक कर रहा था. इसी दौरान छिपे आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
कई बड़े ऑपरेशनों का रहा हिस्सा टाइसन पहले भी सेना के कई महत्वपूर्ण अभियानों में शामिल रह चुका है. उसकी ट्रेनिंग बेहद उन्नत स्तर की है. वह संदिग्ध ठिकानों की पहचान, विस्फोटकों का पता लगाने और आतंकियों की सटीक लोकेशन ट्रेस करने में माहिर माना जाता है. हाल ही में आदिल के खिलाफ ऑपरेशन में भी उसकी सूचना बेहद अहम साबित हुई थी.
उधमपुर में चल रहा इलाज घायल होने के बाद मौके पर मौजूद जवानों ने उसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया. हालत नाजुक होने पर टाइसन को सेना के अस्पताल उधमपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. उसके हैंडलर और साथी जवान उसकी जल्द रिकवरी की दुआ कर रहे हैं.
बेजुबान योद्धाओं का अहम योगदान टाइसन जैसे सैन्य डॉग्स को कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाती है. उन्हें हाई-रिस्क मिशनों, ट्रैकिंग और विशेष कमांड समझने के लिए तैयार किया जाता है. ये बेजुबान वीर बिना डर के खतरनाक हालात में उतरते हैं और अपने हैंडलर के संकेत पर जान तक जोखिम में डाल देते हैं.

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की वजह से 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है. प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है और मुर्गियों को मारने (कलिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.









