
Tesla के पहले चीनी कंपनी BYD की बड़ी तैयारी! ला रही है 700Km रेंज वाली इलेक्ट्रिक SUV
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BYD Sea Lion को हाल ही में टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया गया है. बताया जा रहा है कि, इसे BYD के ई-प्लेटफ़ॉर्म 3.0 पर तैयार किया जाएगा. दूसरी ओर Tesla ने भी भारत में एंट्री प्लान को रफ़्तार देते हुए पुणे में 5,850 वर्गफुट जमीन को लीज पर लिया है.
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड को देखते हुए विदेशी कंपनियां यहां के बाजार में अपना पांव जमाने में लगी हैं. बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान Tesla प्रमुख एलन मस्क ने घोषणा की थी कि, वो जल्द ही भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएंगे जहां पर 20 लाख रुपये की कीमत वाली टेस्ला की सबसे सस्ती कार का प्रोडक्शन किया जाएगा. लेकिन इससे पहले चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी बिल्ड योर ड्रीम (BYD) ने भारत में अपने व्हीकल पोर्टफोलियो को विस्तार देने के लिए बड़ी तैयारी कर ली है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BYD ने इंडियन मार्केट के लिए अपनी नई कार 'Sea Lion' का ट्रेडमार्क रजिस्टर करवाया है. जिसके बाद इस बात की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि, कंपनी जल्द ही इस नाम से एक नई इलेक्ट्रिक कार को इंडियन मार्केट में लॉन्च करेगी. हालांकि अभी इस बारे में कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. फौरी तौर पर बता दें कि, BYD पहले से ही भारतीय बाजार में Otto 3 जैसे 5-सीटर इलेक्ट्रिक एसयूवी की बिक्री करती है.
अगर ग्लोबल प्लेटफॉर्म की बात करें तो, BYD वाहनों की बिक्री के मामले में सीधे तौर पर Tesla को टक्कर देती है. पिछले साल इलेक्ट्रिक वाहनों की सेल्स में इस चीनी कंपनी ने टेस्ला को भी पछाड़ दिया थी. अब इन दोनों कंपनियों की नजरें इंडियन मार्केट पर हैं. टेस्ला ने शुरुआत में भारत सरकार से इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने दो टूक में कंपनी को कहा था कि, वो यहां पर वाहनों का प्रोडक्शन करें उन्हें भी वो सभी सहुलियतें मिलेंगी जो बाकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को दी जाती हैं.
सरकार ने ठुकराया प्रस्ताव और जांच में फंसी BYD:
पिछले महीने, केंद्र सरकार ने कथित तौर पर BYD द्वारा भारत में इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए 1 बिलियन डॉलर के निवेश के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. चीन की कंपनी भारत में हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ साझेदारी में यह निवेश करने की योजना बना रही थी. इसके अलावा बीते दिनों BYD एक जांच के घेरे में भी फंस गई थी.
कंपनी पर भारत में बेची जाने वाली असेंबल्ड कारों में इस्तेमाल किए गए इम्पोर्टेड कंपोनेंट पर कम टैक्स का भुगतान करने का आरोप लगा था. कम टैक्स भुगतान के आरोप में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने इस मामले की जांच की थी. डीआरआई का दावा था कि BYD ने 9 मिलियन डॉलर (तकरीबन 74 करोड़ रुपये) का कम कर (Tax) चुकाया था. हालाँकि BYD ने प्रारंभिक जांच के बाद यह राशि जमा कर दी है.कैसी होगी Sea Lion:

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












