
टच का ट्रेंड... नज़र का फेर और खतरे में जिंदगी! क्यों खतरनाक है कारों का ये फीचर
AajTak
कारों में दिए जाने वाले बड़े-बड़े टचस्क्रीन खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसी कई रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि, सामान्य डैशबोर्ड की तुलना में ऐसी फीचर पैक्ड टचस्क्रीन वाले डैशबोर्ड ड्राइवर को ज्यादा डिस्ट्रैक्ट करते हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि, कहीं हम कारों को स्मार्ट बनाने के चक्कर में खतरा तो मोल नहीं ले रहे हैं.
Big touchscreen in cars: सुबह की भागदौड़, ऑफिस की जल्दी और हाथ में स्टीयरिंग. सड़क पर बच्चे स्कूल जा रहे हैं, कोई बुज़ुर्ग साइकिल से सब्ज़ी लेने निकला है, और सामने सिग्नल अचानक रेड हो जाता है. लेकिन ड्राइवर की नज़र सड़क पर नहीं, कार की बड़ी चमकदार टचस्क्रीन पर है, जहां वह AC का टेंप्रेचर सेट करने या पसंदीदा गाना बदलने में लगा है. बस यही कुछ सेकंड का ध्यान भटकना किसी की ज़िंदगी बदल सकता है. एक हादसा... सड़क पर पसरा खून... एम्बुलेंस की आवाज़, और किसी घर में हमेशा के लिए सन्नाटा.
सवाल सिर्फ टेक्नोलॉजी का नहीं है, सवाल सोच.. इंसानी समझ और स्मार्ट होती कारों के साथ ये भी है कि, इस तरह की तकनीकी हमारे लिए क्यों जरूरी है? जो हर पल अपने साथ एक रिस्क लेकर आए. क्या स्टीरियो, रेडियो, एसी या फिर वॉल्यूम का बटन उंगलियों को इतना चुभने लगा है कि, उनकी जगह फ्लैट टचस्क्रीन ने केवल इसलिए ले ली है क्योंकि वो स्मूथ फील कराते हैं और फैंसी दिखते हैं. काम तो उनका भी लगभग वही है, जो फिजिकल बटन या नॉब का होता है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि, कहीं हम कारों को स्मार्ट बनाने के चक्कर में खतरा तो मोल नहीं ले रहे हैं.
नई कारें बड़े-बड़े टचस्क्रीन से सजी मिलती हैं, जो देखने में बेहद आधुनिक और हाई-टेक लगती हैं. लेकिन क्या यह टेक्नोलॉजी ड्राइविंग के दौरान हमारी सुरक्षा को खतरे में डाल रही है? कई शोध और डेटा बताते हैं कि टचस्क्रीन जितना आकर्षक है, उतना ही यह ड्राइवर का ध्यान भी भटकाता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है.
एक रिसर्च के मुताबिक 2023 के बाद लॉन्च हुई लगभग 97 प्रतिशत नई कारों में सेंट्रल डैशबोर्ड पर टचस्क्रीन दी जा रही है. खासकर 10-इंच या उससे बड़े डिस्प्ले के रूप में. म्यूजिक, नेविगेशन, एसी और यहां तक कि कार के बेसिक कंट्रोल भी अब टचस्क्रीन से ही ऑपरेट किए जा रहे हैं. कार कंपनियां इसे मॉडर्न और प्रीमियम एक्सपीरिएंस बताती हैं, लेकिन यात्रियों की सेफ्टी के पहलू पर कम ही बात होती है.
स्वीडन की एक मशहूर कार मैगजीन (Vi Bilagare) द्वारा किए गए रिसर्च ने टचस्क्रीन के खतरे को साफ तौर पर सामने रखा है. इस रिसर्च में 11 मॉडर्न कारों (ज़्यादातर टचस्क्रीन वाली) के कंट्रोल्स की यूज़ेबिलिटी की तुलना 2005 मॉडल की Volvo V70 से की गई. जिसमें फिजिकल बटन थे. ड्राइवरों को एक ट्रैक पर 110 किमी/घंटा की स्पीड से कार चलाते हुए कार में कुछ सामान्य फीचर्स को ऑपरेट करने को कहा गया, जैसे एसी का टेंप्रेचर बदलना या रेडियो कंट्रोल करना इत्यादि. टचस्क्रीन वाली कारों में इन साधारण कामों को पूरा करने में ड्राइवरों को 20 सेकंड से भी ज्यादा समय लगा.
इसी स्टडी में यह भी पाया गया कि पारंपरिक नॉब और बटन वाली कारों में वही काम 10 सेकंड से भी कम समय में पूरे हो गए. वजह साफ है. बटन और नॉब को ड्राइवर बिना देखे भी इस्तेमाल कर सकता है, जबकि टचस्क्रीन में हर बार नजर सड़क से हटाकर स्क्रीन देखनी पड़ती है. यही कुछ सेकंड का फर्क दुर्घटना की वजह बन सकता है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और NCERT ने मिलकर नकली पाठ्यपुस्तकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. गाजियाबाद में छापेमारी कर 32 हजार से ज्यादा पायरेटेड NCERT किताबें जब्त की गईं. इसके अलावा दो प्रिंटिंग मशीनें, एल्यूमिनियम प्रिंटिंग प्लेट्स, कागज के रोल और स्याही भी जब्त की गई, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध छपाई की पुष्टि होती है.

Realme ने अपनी रिपब्लिक डे सेल का ऐलान कर दिया है. इस सेल का फायदा उठाकर आप सस्ते में ब्रांड के फोन्स को खरीद सकते हैं. कंपनी 8000 रुपये तक की छूट अपने फोन्स पर दे रही है. इस सेल का फायदा कंज्यूमर्स रियलमी की आधिकारिक वेबसाइट के साथ ही ऐमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर भी उठा सकते हैं. आइए जानते हैं सेल में मिल रहे डील्स की डिटेल्स.

Mangal Aditya Rajyog 2026:वैदिक ज्योतिष में मंगल और सूर्य की युति को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. सूर्य आत्मा, नेतृत्व, सत्ता और आत्मविश्वास के कारक हैं, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है. जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि या भाव में साथ आते हैं, तो इससे अद्भुत शक्ति, आत्मबल और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है










