
मदद मांगी तो मिला ये जवाब! मुंबई मेट्रो की खराब लिफ्ट में फंसे दिव्यांग युवक का वीडियो वायरल
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मुंबई में व्हीलचेयर पर चलने वाला एक युवक वर्ली मेट्रो स्टेशन पर लिफ्ट खराब होने के कारण 45 मिनट से अधिक समय तक फंसा रहा. इस घटना ने सार्वजनिक ढांचे में दिव्यांगों के लिए एक्सेसीबिलिटी की गंभीर कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया.
मुंबई जैसे आधुनिक और ‘स्मार्ट’ शहर में आज भी दिव्यांग लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं हैं. यह बात वर्ली मेट्रो स्टेशन पर हुई एक घटना से फिर सामने आई है. व्हीलचेयर पर चलने वाले कर्ण नाम के युवक को मेट्रो की लिफ्ट खराब होने की वजह से लगभग 45 मिनट तक स्टेशन पर ही फंसा रहना पड़ा. जब उसने मदद मांगी, तो उसे जो जवाब मिला वह बेहद असंवेदनशील था और इंसानियत पर सवाल खड़े करता है.
कर्ण ने अपना यह पूरा अनुभव खुद वीडियो बनाकर बताया है. वह कहता है कि लिफ्ट अचानक बंद हो गई, और उसके पास बाहर निकलने का कोई दूसरा सुरक्षित रास्ता नहीं था. इस घटना ने दिखा दिया कि मेट्रो जैसी सुविधा में दिव्यांग लोगों के लिए सिर्फ एक ही लिफ्ट होना कितना जोखिम भरा है.
वीडियो में कर्ण काफी परेशान दिखता है. वह बताता है कि उसने हेल्पलाइन पर कई बार कॉल किया, लेकिन कोई भी सही जवाब नहीं मिला. कॉल लगती तो थी, लेकिन दूसरी तरफ से कोई बात नहीं करता था. स्टेशन पर मौजूद स्टाफ ने भी खास मदद नहीं की. उल्टा उसे कहा गया कि सड़क से होकर घर चले जाओ.
देखें वायरल वीडियो
भारत में दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों ने सवाल उठाए
कर्ण ने सवाल उठाया कि व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति से वर्ली से दादर तक मुख्य सड़क से जाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? सड़क पर गाड़ियों, बसों और ट्रकों की भीड़ रहती है, जो व्हीलचेयर के लिए बहुत खतरनाक है. रात में जब उसे वॉशरूम की जरूरत हुई, तो आसपास एक भी व्हीलचेयर-फ्रेंडली शौचालय नहीं मिला. आखिर में उसे अपनी जान जोखिम में डालकर व्यस्त सड़क पर व्हीलचेयर चलाकर आगे बढ़ना पड़ा.

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