
Tariff Refund: सुप्रीम कोर्ट ने बिगाड़ा ट्रंप का गणित, अब US देगा टैरिफ रिफंड, किसे मिलेगा?
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Donald Trump के टैरिफ को रद्द किए जाने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका अब Tariff Refund भी देगा. इसे लेकर यूएस चेंबर ऑफ कॉमर्स ने तस्वीर साफ की है.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका देते हुए उनके द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ का गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया है. इसका सीधा असर तमाम देशों के साथ अमेरिका के व्यापार और कीमतों पर देखने को मिलेगा. भले ही कोर्ट के फैसले से गुस्साए ट्रंप ने 10% का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है, लेकिन पुराना टैरिफ रद्द होना तमाम देशों के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि ये नया टैरिफ पहले लागू रेसिप्रोकल टैरिफ की जगह लेगा. ऐसे में ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका को अब टैरिफ रिफंड (US Tariff Refund) भी देना होगा? अगर हां, तो कैसे और किसे मिलेगा?
जापान, EU, कोरिया से भारत तक पर असर Donald Trump के रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) को रद्द करने का सुप्रीम कोर्ट फैसला इससे प्रभावित कनाडा, चीन, मैक्सिको, भारत, ब्राजील समेत अन्य के लिए राहत भरा है, जिन्हें हाई टैरिफ का सामना करना पड़ा था. व्हाइट हाउस (White House) के अधिकारियों ने शनिवार को स्पष्ट किया कि कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द करने के बाद भारत की टैरिफ दर 18% से घटकर 10% (US 10% Tariff On India) हो जाएगी.
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल इमरजेंसी पॉवर एक्ट (IEEPA) के तहत लगे पारस्परिक टैरिफ की जगह धारा 122 के तहत लगाया गया नया टैरिफ लेगा और जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता, तब तक 10% टैरिफ लागू रहेगा. न सिर्फ भारत, ट्रंप की घोषणा और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया पर टैरिफ 15% से घटकर 10%, जबकि वियतनाम पर टैरिफ 20% से 10% होगा.
अमेरिका किसे देगा Tariff Refund? Donald Trump टैरिफ के जरिए खरबों अमेरिका के लिए एक दशक में खरबों का टैरिफ रेवेन्यू आने का गणित लगाए बैठे थे और बीते साल 2025 में ही इससे करीब 200 अरब डॉलर रेवेन्यू आ गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस गणित को बिगाड़ दिया है. अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने शुक्रवार Tariff Refund को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप टैरिफ रद्द करने के बाद भारत और ब्राजील से आने वाले सामान पर लगाए गए कुछ टैरिफ पर रिफंड मिलेगा. बिजनेस चैंबर के मुताबिक, रिकॉर्ड में दर्ज वे अमेरिकी आयातक जिन्होंने सीधे टैरिफ का पेमेंट किया है या वह व्यक्ति जो सीमा शुल्क निकासी के बाद माल का स्वामित्व प्राप्त करता है, टैरिफ रिफंड के लिए पात्र होगा.
कहां नहीं मिल सकता टैरिफ रिफंड चैंबर की ओर से साफ किया गया है कि जिन व्यवसायों ने सीधे तौर पर टैरिफ का भुगतान नहीं किया है, वे रिफंड के पात्र नहीं हैं, क्योंकि IEEPA के तहत लागू शुल्कों के लिए ही वापसी का प्रावधान है.
US Chanber Of Commerce के कार्यकारी उपाध्यक्ष और चीफ स्ट्रेटिजिक ऑफिसर नील ब्रैडली ने एक बयान में कहा है कि, 'बीते एक साल से चैंबर देशभर के छोटे और मध्यम व्यवसायों के साथ काम कर रहा है, जिन्होंने इन ट्रंप टैरिफ के कारण लागत में काफी वृद्धि और सप्लाई चेन में रुकावट का सामना किया है. टैरिफ वापसी करीब 200,000 से अधिक ऐसे छोटे बिजनेस इंपोर्टर के लिए राहत भरी है और उनके मजबूत आर्थिक विकास को सपोर्ट देगी.

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