
Tamil Nadu Karur Stampede: 22 साल में 22 भगदड़... 1500 से ज्यादा ने गंवाई जान, देश में हुए बड़े हादसों की पूरी लिस्ट
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तमिलनाडु के करूर में टीवीके प्रमुख विजय की रैली में भगदड़ से 36 लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. देश में 2003 से 2025 तक मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, महाकुंभ और सार्वजनिक आयोजनों में हुई भगदड़ों में करीब 1,500 लोग मारे गए और हजारों घायल हुए. देश में हुए ऐसे बड़े हादसों की पूरी कहानी...
तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय की रैली में भगदड़ से 36 लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. मृतकों का आकंड़ा बढ़ने की आशंका है. इस साल 2025 में मंदिरों, रेलवे स्टेशन और महाकुंभ में भगदड़ में कई लोगों की जान गई है. देश में साल 2003 से लेकर अब तक 22 भगदड़ में करीब 1500 लोगों की जानें गई हैं, जबकि हजारों लोग घायल हुए. आइए एक नजर डालते हैं 22 साल में हुए ऐसे बड़े हादसों पर...
RCB की जीत का जश्न हादसे में बदल गया IPL 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के जश्न में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हादसा हो गया। विक्ट्री परेड शुरू होने से पहले अचानक भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मची। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और कम से कम 50 लोग घायल हुए।
महाकुंभ के दौरान भगदड़ महाकुंभ के दौरान 29 जनवरी को संगम क्षेत्र में भगदड़ मच गई. मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों तीर्थयात्री स्नान के लिए जगह पाने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे. भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई, 60 लोग घायल हो गए.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में गई जान 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर भगदड़ मच गई. भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई, 15 घायल हो गए.
देश में हुई कुछ बड़ी त्रासदियां 3 मई, 2025 गोवा के शिरगाओ गांव में श्री लैराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 6 लोगों की मौत और करीब 100 लोग घायल हो गए.
8 जनवरी, 2025 तिरुमाला हिल्स में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए टिकट लेने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में छह श्रद्धालुओं की जान चली गई. दर्जनों लोग घायल हो गए.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










