
'SIR पर तत्काल शुरू हो चर्चा', राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग, रिजिजू बोले- ये तरीका नहीं
AajTak
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नियम 267 के तहत 'SIR' (संभवतः किसी गंभीर विषय)/ पर तत्काल चर्चा शुरू करने की मांग की. खड़गे ने कहा कि 12-13 लोगों की जान जा चुकी है. इस पर सत्ता पक्ष के नेता किरेन रिजिजू ने जवाब दिया और कहा कि टाइमलाइन की शर्त लाना सही तरीका नहीं है.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में SIR पर तत्काल चर्चा की मांग की. उन्होंने कहा कि इससे 12-13 लोगों की जान जा चुकी है. ये अर्जेंट मैटर है. इस पर तत्काल चर्चा शुरू होनी चाहिए.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति से सामने सदन की परंपरा का सवाल उठाते हुए कहा, 'हमने नियम 267 के तहत जो नोटिस दिया है, उसमें नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम और नोटिस का सब्जेक्ट बताना चाहिए. ये परंपरा रही है. निचले सदन में भी ये परंपरा है. नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम भी नहीं पढ़ते, सब्जेक्ट भी नहीं पढ़ते, यह अच्छा नहीं है.'
मल्लिकार्जुन खड़गे ने ये भी कहा कि आज आपका पहला कार्यदिवस है. आप बस नड्डा साहब की ओर देखते हैं. इधर भी देख लिया कीजिए. खड़गे की इस बात पर सभापति ने कहा कि हाउस ऑर्डर में रहे, तो सबको सुनें. जब हाउस ऑर्डर में ही नहीं है, तब कोई चेयरमैन कैसे किसी को सुन सकता है.
इस पर खड़गे ने कहा कि हाउस ऑर्डर में लाना आपका काम है, सरकार का काम है. विपक्ष का नहीं.
12-13 लोगों की जा चुकी है जान
विपक्ष के नेता ने एसआईआर पर तत्काल चर्चा की डिमांड करते हुए कहा कि 12-13 लोगों की जान जा चुकी है. ये अर्जेंट मैटर है. इस पर तत्काल चर्चा शुरू होनी चाहिए.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






