
Shamar Joseph: गुयाना के सिक्योरिटी गार्ड की कहानी... जिसने गाबा में कंगारुओं को चटाई धूल
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शमर जोसेफ ने अपनी तूफानी गेंदबाजी के दम पर वेस्टइंडीज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यादगार जीत दिलाई. शमर का प्रदर्शन इसलिए भी मायने रहता है क्योंकि चंद घंटे पहले ही चोटिल हो गए थे. शमर ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में कुल 13 विकेट लिए.
वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक जीत हासिल की. ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने कंगारूओं को आठ रन से हरा दिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वेस्टइंडीज ने लगभग 21 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता है. इससे पहले कंगारुओं के विरुद्ध वेस्टइंडीज की आखिरी जीत साल 2003 में पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट मैच में आई थी. यही नहीं ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 27 साल बाद वेस्टइंडीज ने टेस्ट में विजय प्राप्त की. इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीजन दो मैचों की टेस्ट सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया.
वेस्टइंडीज की जीत में 24 साल के तेज गेंदबाज शमर जोसेफ का अहम रोल रहा. शमर जोसेफ ने दूसरी पारी में 68 रन देकर सात विकेट चटकाए. शमर के सामने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एक-एक करके धराशायी होते चले गए. शमर की कहर बरपाती गेंदों का तोड़ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के पास था ही नहीं. केवल ओपनर स्टीव स्मिथ ही टिक पाए और वह 91 रन बनाकर नाबाद लौटे.
It's all over!!! Shamar Joseph takes SEVEN #AUSvWI pic.twitter.com/fsGR6cjvkj
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज शमर का प्रदर्शन इसलिए भी मायने रहता है क्योंकि चंद घंटे पहले ही चोटिल हो गए थे. शमर जब वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में बैटिंग कर रहे थे, तो मिचेल स्टार्क की यॉर्कर गेंद उनके दाहिने पैर की उंगली पर जा लगी थी और वह रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी पारी में कंगारुओं की बत्ती गुल कर दी.
प्लास्टिक को पिघलाकर गेंद बनाते थे शमर
शमी की गाबा तक की यात्रा आसाना नहीं रही है. कैरेबियाई देश गुयाना के एक छोटे से कस्बे बाराकारा में जन्मे शमर जोसेफ ने बचपन में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. शमर गरीब परिवार से आते थे, ऐसे में वह प्रैक्टिस के लिए क्रिकेट नहीं होती थी. शमर फलों (अमरूद, सेव, केले आदि) और प्लास्टिक को पिघलाकर उससे गेंद बनाकर प्रैक्टिस करते थे. पारंपरिक ईसाई परिवार से होने के चलते शमर को शनिवार और रविवार को क्रिकेट खेलने की इजाजत नहीं रहती थी. शनिवार और रविवार को पूरा परिवार चर्च में प्रार्थनाओं में व्यस्त रहता था.













