
20 साल, 7 में 7... टीम इंडिया के लिए इंदौर का होलकर स्टेडियम है क्यों है 'सुपरलकी', न्यूजीलैंड की हार तय!
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भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे मुकाबला रविवार (18 जनवरी) को इंदौर के होलकर स्टेडियम में होना है. फिलहाल दोनों ही देशों के बीच सीरीज 1-1 से बराबरी पर है. लेकिन होलकर स्टेडियम में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है.
साल 2006 से लेकर 2023 के बीच इंदौर के होलकर स्टेडियम में कुल 7 वनडे मुकाबले हुए हैं. अब एक और मुकाबला होना है, जो रविवार (18 जनवरी 2026) को है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह मुकाबला 'डिसाइडर वनडे' है. क्योंकि जो भी टीम जीती वो सीरीज अपने नाम करेगी.
लेकिन इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के लिए 20 सालों के दरम्यान सुपरलकी रहा है. वजह यह है कि भारतीय टीम कभी भी यहां कोई वनडे मुकाबला नहीं हारी है. यानी यहां टीम इंडिया का किला अभेद्य है. कुल मिलाकर यहां हमारी टीम का राज चलता है.
3 वनडे मैचों की सीरीज में वडोदरा में भारतीय टीम 4 विकेट से जीती, इसके बाद राजकोट में न्यूजीलैंड की टीम ने 7 विकेट से जीत दर्ज की. अब सीरीज 1-1 से बराबर है. यानी अब अब सब कुछ रविवार को तय हो जाएगा.
इतिहास के पन्ने खंगाले जाएं तो इंदौर का होलकर क्रिकेट स्टेडियम भारतीय क्रिकेट टीम के लिए हमेशा से लकी वेन्यू साबित हुआ है. यहां खेले गए वनडे मुकाबलों में भारत ने अब तक एक भी मैच नहीं हारा है. साल 2006 से लेकर 2023 तक यहां कुल 7 वनडे मैच खेले गए, और सभी में टीम इंडिया को जीत मिली.
इस शानदार सिलसिले की शुरुआत 15 अप्रैल 2006 को इंग्लैंड के खिलाफ हुई, जब भारत ने 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया. इसके बाद 2008 में इंग्लैंड को ही 54 रन से हराया गया. साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने 153 रन की बड़ी जीत दर्ज की, जो इस मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी जीतों (रनों के लिहाज) से एक है.
2015 में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को भी भारत ने 22 रन से शिकस्त दी. 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट से जीत दर्ज की गई, जबकि 2023 में न्यूजीलैंड को 90 रन से हराकर भारतीय टीम ने अपनी दबदबा कायम रखा.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












