
RSS प्रमुख मोहन भागवत से मिलेंगे CM योगी, चुनाव नतीजों के बाद गोरखपुर में संघ का अहम ट्रेनिंग सेशन
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लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद आज पहली बार गोरखपुर में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे. यूपी के खराब चुनाव नतीजों को लेकर दोनों के बीच होने वाली बैठक को अहम माना जा रहा है. अभी हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और संघ नेता इंद्रेश ने बीजेपी को लेकर बड़ा बयान दिया था.
लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद पहली बार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करेंगे. दोनों के बीच ये मुलाकात गोरखपुर में होगी. यूपी में बीजेपी के खराब प्रदर्शन के बाद इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों के बीच लोकसभा चुनाव और राज्य में संघ के विस्तार से लेकर अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
इससे पहले, भागवत ने चिउटाहा क्षेत्र के एसवीएम पब्लिक स्कूल में चल रहे संघ कार्यकर्ता विकास वर्ग शिविर में स्वयंसेवकों को संबोधित किया, जहां 3 जून से प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इस प्रशिक्षण शिविर में लगभग 280 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं.
गुरुवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने काशी, गोरखपुर, कानपुर और अवध क्षेत्र में संघ की जिम्मेदारी संभाल रहे संघ के करीब 280 स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं से संघ के विस्तार, राजनीतिक परिदृश्य और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा की.
जानकारी के मुताबिक संघ प्रमुख ने शाखाओं की संख्या बढ़ाने और संगठन के विस्तार पर जोर दिया है और संघ द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रकल्पों के विस्तार पर भी सुझाव दिए हैं. बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं आने के बाद से आरएसएस नेताओं की तरफ से लगातार बयान सामने आ रहे हैं.
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने लोकसभा चुनाव के नतीजे पर बड़ा बयान देते हुए सत्तारूढ़ बीजेपी को 'अहंकारी' और विपक्षी इंडिया ब्लॉक को 'राम विरोधी' करार दिया है.
इंद्रेश कुमार ने कहा, राम सबके साथ न्याय करते हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव को ही देख लीजिए. जिन्होंने राम की भक्ति की, लेकिन उनमें धीरे-धीरे अंहकार आ गया. उस पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बना दिया. लेकिन जो उसको पूर्ण हक मिलना चाहिए, जो शक्ति मिलनी चाहिए थी, वो भगवान ने अहंकार के कारण रोक दी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

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