
2029 में ही लागू हो सकता है महिला आरक्षण, 50% सीटें बढ़ाने का फॉर्मूला तैयार!
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भारत सरकार महिला आरक्षण अधिनियम को 2034 के बजाय 2029 से लागू करने की योजना बना रही है. इसके तहत लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50% की वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे महिलाओं के लिए 33% आरक्षण तय होगा. गृह मंत्री अमित शाह ने कई पार्टियों के साथ इस पर चर्चा की है.
बीजेपी सरकार 2034 के बजाय, देश में महिला आरक्षण अधिनियम को 2029 से लागू करने के बारे में सोच रही है. केंद्र (लोकसभा) और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लाने पर विचार-विमर्श जारी है.
इंडिया टुडे/आज तक को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीटों में बढ़ोतरी के लिए 50% 'स्ट्रेट जैकेट फॉर्मूला' प्रस्तावित है. गृह मंत्री अमित शाह 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लागू करने की प्रक्रियाओं को पारित कराने के लिए पार्टियों के छोटे समूहों के साथ बैठकें कर रहे हैं.
23 मार्च को, गृह मंत्री ने NCP-SP, शिवसेना (UBT), AIMIM और YSRCP के सदस्यों के साथ बैठक की. BRS आखिरी समय में सूचना मिलने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकी.
सुप्रिया सुले, अरविंद सावंत, असदुद्दीन ओवैसी और मिधुन रेड्डी उन सदस्यों में शामिल थे जिन्होंने गृह मंत्री के साथ बैठक में भाग लिया. सरकार तीन बड़े संशोधन की तैयारी में है. सरकार की राय है कि 2034 की समय सीमा के बजाय, महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनावों से ही लागू किया जाना चाहिए.
सदस्यों को बताया गया कि केंद्र को 2027 तक जनगणना पूरी होने की उम्मीद थी. इससे 2028 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो जाती और दूसरी प्रक्रियाएं उसके बाद होतीं. हालांकि, अब 2011 की जनगणना को आधार माना जा सकता है.
50% सीटें बढ़ाने का फॉर्मूला तैयार!

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