
RCB Celebration Stampede Case: बेंगलुरू भगदड़ मामले में RCB की मुश्किल बढ़ी? 3 प्वाइंट्स पर हो रही मजिस्ट्रेट जांच, डिप्टी कमिश्नर लेंगे घायलों के बयान
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Bengaluru stampede inquiry: चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर RCB की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की मजिस्ट्रेट जांच अब तेज़ हो गई है. बेंगलुरु अर्बन के डिप्टी कमिश्नर (DC) जगदीश आज घायलों के बयान दर्ज करना शुरू करेंगे. ये बयान DC कोर्ट परिसर में लिए जाएंगे.
RCB stampede case: बेंगलुरू में 4 जून को हुई भगदड़ मामले में आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) मुसीबत में हैं. कुल मिलाकर अब 3 प्वाइंट्स पर मजिस्ट्रेट जांच हो रही है. बेंगलुरु अर्बन के डिप्टी कमिश्नर (DC) जगदीश ने आज घायलों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है. ये बयान DC कोर्ट परिसर में लिए जा रहे हैं.
ध्यान रहे 3 जून को IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2025 में चैम्पियन बनने के बाद 4 जून को बेहद जल्दबाजी में और बिना किसी सटीक प्लानिंग से के विक्ट्री परेड का आयोजन कर दिया था. इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी जबकि 47 से लोग घायल हुए थे.
बेंगलुरु भगदड़ जांच के मुख्य 3 बिंदु क्या हैं? हर घायल व्यक्ति को उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है. सभी बयानों के इकट्ठा होने के बाद, डीसी जगदीश एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को सौंपेंगे. घायलों को अपनी आपबीती विस्तार से बताने का मौका मिलेगा, जिसमें उनको पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा. इस दौरान जांच में ये बिंदु शामिल होंगे: 1- हादसा किस समय हुआ, 2-किन हालातों में भगदड़ मची, 3- घटना के दिन किन परेशानियों का सामना करना पड़ा.
चश्मदीदों के बयान भी होंगे दर्ज डीसी जगदीश ने चश्मदीद गवाहों के बयान भी दर्ज करने की तैयारी कर ली है. ऐसे लोग जिन्होंने हादसे को प्रत्यक्ष रूप से देखा या जिनके पास कोई अहम जानकारी है, उन्हें 13 जून को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया है. मामले में राज्य सरकार ने दिया था आदेश राज्य सरकार ने चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़ मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे. इसकी जिम्मेदारी बेंगलुरु अर्बन डीसी जगदीश को सौंपी गई थी. यह जांच इन बिंदुओं को कवर करेगी. 1-मौतों के कारण, 2- घटनाक्रम और उस दिन की परिस्थितियां, प्रशासनिक चूक और जिम्मेदार लोग
डीसी जगदीश पहले ही अस्पतालों का दौरा कर घायलों से जुड़ी जानकारी जुटा चुके हैं. सरकार ने उन्हें 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. समयसीमा नजदीक आने के चलते जांच अब रफ्तार पकड़ चुकी है.

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












