
PM Modi Bday: 8 साल की उम्र में ही बन गए थे स्वयं सेवक, देखें पीएम मोदी का प्रधानसेवक बनने तक का सफर
AajTak
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन में दो बार ऐसे अवसर आए जब वे सन्यास और सेवा में से किसी एक को चुन सकते थे. एक तब जब वो 8 साल के थे और स्वयं सेवक थे, लेकिन तब वो साधु बनना चाहते थे. दूसरी बार तब जब वे किशोरावस्था को पार करने की स्थिति में थे, जब परिस्थियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्रचारक बना दिया. 60 के दशक तक RSS ने सांस्कृतिक चेतना के आधार पर अपनी अच्छी-खासी जमीन तैयार कर ली थी. 8 साल की उम्र में वे संघ की शाखाओं का अनुभव ले चुके थे. जानें पीएम मोदी कैसे बने स्वयंसेवक से प्रधानसेवक.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










