
PM मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला, केंद्र ने पंजाब सरकार से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
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केंद्र ने पिछले साल पीएम मोदी की सुरक्षा में लगी सेंध को लेकर पंजाब सरकार से एक्शन रिपोर्ट मांगी है. दोषी अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है. जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट इसी महीने तक फाइल होने की संभावना है.
पिछले साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा में भारी चूक का मामला सामने आया था, इसके बाद प्रधानमंत्री को वापस एयरपोर्ट लौटना पड़ा था. PM की सुरक्षा में हुई चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी से नाराज, केंद्र ने राज्य सरकार से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है. गृह सचिव ने इस मुद्दे को लेकर मुख्य सचिव से की बात की है. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इसी महीने में चार्जशीट फाइल हो सकती है.
दोषी अधिकारियों पर एक्शन नहीं पीएम की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 5 सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई थी जिसकी अगुवाई रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने की थी. छह महीने पहले जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की थी जिसमें राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, पुलिस प्रमुख एस चट्टोपाध्याय और अन्य शीर्ष अधिकारियों को चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था. इसके बाद, इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ से कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने को कहा था. इसमें राज्य सरकार द्वारा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी का भी जिक्र किया गया.
रिपोर्ट में पंजाब पुलिस के अधिकारियों पर लापरवाह रवैये का आरोप लगाया गया था और इस घटना को 'योजना और तालमेल में भारी विफलता' के रूप में संदर्भित किया गया था. जिस समय यह घटना हुई तब पंजाब में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के मुखिया चरणजीत सिंह चन्नी थे.
हुई थी बड़ी चूक
दरअसल 5 जनवरी, 2022 को पीएम पंजाब दौरे पर गए थे. जब वह बठिंडा हवाई अड्डे से हुसैनीवाला जाने के लिए सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे थे तो उनका काफिला एक फ्लाईओवर पर आधे घंटे तक फंसा रहा. गृह मंत्रालय ने तब बताया था कि पीएम मोदी के कार्यक्रम और दौरे के बारे में पंजाब सरकार को पहले ही बता दिया गया था. ऐसे में नियमों के मुताबिक,राज्य को सुरक्षा के साथ-साथ आकस्मिक योजना तैयार रखने की जरूरत थी. साथ ही आकस्मिक प्लान को देखते हुए पंजाब सरकार को सड़क मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस सुरक्षा चूक के बाद काफिले के बठिंडा एयरपोर्ट पर लौटने का फैसला किया गया.

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