
NSA अजीत डोभाल ने अपनी टीम में किए बड़े बदलाव, IB और RAW के इन दो अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से संबंधित सभी मामलों के लिए शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करता है. इसके संचालन की जिम्मेदारी एनएसए अजीत डोभाल के कंधों पर है.
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपनी एनएससीएस (National Security Coordination Secretariat) टीम में बड़े बदलाव किए हैं. इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर और 1990 बैच के आईपीएस टीवी रविचंद्रन को भारत का नया डिप्टी एनएसए नियुक्त किया गया है. 1990 बैच के IFS पवन कपूर को भी डिप्टी एनएसए बनाया गया है. वह विदेश में विभिन्न भारतीय मिशनों, विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी तैनात रहे हैं.
उन्होंने लंदन में राष्ट्रमंडल सचिवालय में एक अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवक के रूप में भी कार्य किया है. हाल ही में डिप्टी एनएसए विक्रम मिस्री को विदेश सचिव बनाया गया है. इसी कड़ी में वर्तमान में सबसे वरिष्ठ डिप्टी एनएसए राजिंदर खन्ना को प्रमोट कर एडिशनल एनएसए बनाया गया है. अब एनएससीएस में तीन डिप्टी एनएसए और एक एडिशनल एनएसए हैं. पीएम मोदी ने अजीत डोभाल पर भरोसा जताते हुए अपने तीसरे कार्यकाल में भी देश का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया था. वह पीएम मोदी के पहले दो कार्यकालों के दौरान भी एनएसए रहे हैं.
लगातार तीसरी बार NSA बने हैं अजीत डोभाल
अजीत डोभाल 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है. 20 जनवरी, 1945 को उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल में जन्मे डोभाल को देश के लिए उनकी विशिष्ट सेवाओं को ध्यान में रखकर 1988 में कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था. गौरतलब है कि अजीत डोभाल भारतीय पुलिस पदक पाने वाले सबसे कम उम्र के आईपीएस अधिकारी रहे हैं.
राजिंदर खन्ना देखेंगे आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे
एनएससीएस में इन महत्वपूर्ण नियुक्तियों के बाद अब एनएसए अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पीएम मोदी की मदद करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगे और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों को एडिशनल एनएसए राजिंदर खन्ना द्वारा संभाला जाएगा. रिसर्च एंड एनालिसिस विंग सर्विस (RAWS) के 1978-बैच के अधिकारी खन्ना दिसंबर 2014 से दिसंबर 2016 तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) प्रमुख के रह चुके हैं. इससे पहले, वह रॉ में ऑपरेशन डेस्क के इंचार्ज थे. उन्हें पाकिस्तान और आतंकवाद विरोधी मामलों का विशेषज्ञता माना जाता है.

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