
NCERT किताब मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, न्यायपालिका पर चैप्टर लिखने की जिम्मेदारी अब इन तीन लोगों को दी गई
ABP News
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी में पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस अनिरुद्ध बोस को शामिल किया गया है.
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 8 की किताब में न्यायपालिका से जुड़े चेप्टर को फिर से लिखने के लिए तीन सदस्यों वाली एक विशेषज्ञ समिति का गठन हुआ है. शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी.
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है. इसमें पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस अनिरुद्ध बोस को शामिल किया गया है.
सरकार ने ये फैसला एनसीईआरटी की किताब के उस हिस्से पर हुए विवाद के बाद उठाया है, जिसमें 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' का जिक्र था. कमेटी के गठन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपनी तरफ से शुरू की गई सुनवाई को खत्म कर दिया.
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने हाल ही में कक्षा 8 के लिए सामाजिक विज्ञान की पुस्तक 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटीः इंडिया एंड बियॉन्ड' (भाग-2) प्रकाशित की थी. इस पुस्तक में 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' शीर्षक से एक पाठ शामिल था. इसमें न्याय व्यवस्था पर विवादित पाठ्य सामग्री थी. यही कारण रहा कि इस अध्याय को लेकर विभिन्न पक्षों से आपत्तियां सामने आईं. स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने इस पर आपत्ति जताई थी.













