
किस मामले में ED ने 5 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की जब्त, दिल्ली और पंजाब का है कनेक्शन
ABP News
ED In Action: PACL घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई का अंजाम दिया है. इस मामले में जांच एजेंसी ने 5046 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़े PACL Ltd. मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5,046.91 करोड़ रुपये की 126 संपत्तियों को अटैच किया है. ये संपत्तियां दिल्ली और पंजाब में स्थित हैं. यह मामला एक फर्जी निवेश योजना से जुड़ा है, जिसमें कंपनी ने लोगों को जमीन देने का झांसा देकर देशभर के लाखों निवेशकों से करीब 48,000 करोड़ रुपये जुटाए थे, लेकिन ज्यादातर निवेशकों को न तो जमीन मिली और न ही उनका पैसा वापस हुआ.
PACL Ltd. घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 2014 में शुरू की थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया. जांच में सामने आया कि कंपनी ने कई फर्जी कंपनियों और कागजी लेन-देन के जरिए पैसे को इधर-उधर किया. भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने 2016 में निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए एक कमेटी भी बनाई थी, लेकिन इसके बावजूद कंपनी की संपत्तियों की अवैध बिक्री और हेरफेर जारी रहा. ED के मुताबिक, अब तक इस मामले में कुल 22,656 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
ED कैसे काम करता है?ED भारत की एक प्रमुख जांच एजेंसी है, जो आर्थिक अपराधों की जांच करती है. इसका मुख्य काम काले धन, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामलों को पकड़ना और उनकी जांच करना होता है. ED वित्त मंत्रालय के तहत काम करती है. यानी यह सरकार के वित्त विभाग का हिस्सा है और देश की आर्थिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
ED मुख्य रूप से दो बड़े कानूनों के तहत काम करती है. पहला है Prevention of Money Laundering Act, 2002, जिसे PMLA कहा जाता है. इस कानून का उद्देश्य अपराध से कमाए गए पैसे को छिपाने या उसे साफ दिखाने की कोशिशों को रोकना है. दूसरा कानून है Foreign Exchange Management Act, 1999, जिसे FEMA कहा जाता है. इसके तहत ED विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों की जांच करती है, जैसे गलत तरीके से पैसे विदेश भेजना या लाना.













