
Murshidabad Hindu Migration: पलायन के 24 घंटे बाद अब लौटने लगे मुर्शिदाबाद हिंसा के पीड़ित, इलाके में कैंप कर रहे बड़े अफसर
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हालिया हिंसा और अशांति के बाद, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की राह पर है. पुलिस की कोशिशों से लोग मालदा से वापस अपने घर लौट रहे हैं. अफवाहों की चुनौती के बावजूद, वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इलाके में डटे हुए हैं और कैंपिंग कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हालिया अशांति के दौरान कई लोग अपने घरों को छोड़कर पड़ोसी जिले मालदा में शरण लेने को मजबूर हो गए थे. हिंसा और खौफ की वजह से लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया था, लेकिन जैसे-जैसे स्थिति सुधर रही है, वे लोग अब वापस लौट रहे हैं. इस बारे में कानून व्यवस्था पर नजर रखने वाले बंगाल पुलिस के एडीजी जावेद शमीम ने बताया कि पुलिस कवर में लोगों को अब वापस आने में मदद की जा रही है.
एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) जावेद शमीम ने कहा, "मुर्शिदाबाद के कई गांवों में लोग पहले ही लौट चुके हैं. राज्य पुलिस के निर्देश और संरक्षण में और भी लोग लौट रहे हैं. पश्चिम बंगाल पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी मुर्शिदाबाद में मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं."
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शनिवार के बाद कोई हिंसक घटना नहीं!
एडीजी ने बताया कि शनिवार के बाद से मुर्शिदाबाद में किसी नई हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि स्थिति जल्दी ही पूरी तरह सामान्य हो जाएगी. हम उन सभी लोगों को घर वापस लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं जो अशांति के दौरान अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए थे."
हालांकि, पिछले 36 घंटों में हालात शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन एडीजी ने बताया कि अफवाहें शांति स्थापित करने में बाधा बन रही हैं. उनका कहना है, "अफवाह फैलाने वाले इस समय हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं." बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, खुद बंगाल के डीजीपी सहित, मुर्शिदाबाद में कैंप लगाकर हालात पर नजर रख रहे हैं. पिछले 36 घंटों में कोई गंभीर हिंसा की घटना सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

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