MP: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को अपने हाथों से पहनाई चप्पल, जानिए क्यों?
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रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में थे. सिंधिया जैसे ही प्रद्युम्न सिंह तोमर से मिले तो उन्होंने तुरंत चप्पल मंगवाई और ऊर्जा मंत्री को पहना दी और कहा कि सड़क बन गई है अब चप्पल पहन लो.
करीब 2 महीने से बिना चप्पल घूम रहे शिवराज सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का संकल्प पूरा हो गया. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को उन्हें अपने हाथों से चप्पल पहनाई. दरअसल, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने विधानसभा क्षेत्र की बदहाल सड़कों के अच्छा नहीं होने तक बिना चप्पल-जूते यानि नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था. सरकार द्वारा क्षेत्र में सड़क का निर्माण कराया गया है. जिसके बाद अब उन्होंने चप्पल पहनी है.
ग्वालियर प्रभारी मंत्री श्री Tulsi Silawat जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अभय चौधरी जी ने भारतीय जनता पार्टी के देवतुल्य कार्यकर्ताओ की उपस्थिति में मुझे चप्पल धारण कराकर अनुग्रहित किया। 2/5 pic.twitter.com/0KkXGSWwLv
बता दें कि प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर विधानसभा से विधायक हैं और शिवराज सरकार में ऊर्जा मंत्री भी हैं. 20 अक्टूबर को अपने विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान उन्होंने देखा कि शहर के फूलबाग से सेवा नगर रोड समेत क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद खराब थी. कई जगहों पर उनका निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ था, जिसके चलते यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.
जब स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रद्युम्न सिंह तोमर से भी शिकायत की तो उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सड़क ठीक करने का निर्देश दिया और संकल्प लिया कि जब तक इन सड़कों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक वह जूता या चप्पल नहीं पहनेंगे और नंगे पैर ही रहेंगे.
रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में थे. सिंधिया जैसे ही प्रद्युम्न सिंह तोमर से मिले तो उन्होंने तुरंत चप्पल मंगवाई और ऊर्जा मंत्री को पहना दी और कहा कि सड़क बन गई है अब चप्पल पहन लो. इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने ग्वालियर में सड़कें बनाने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री तुलसी राम सिलावट को धन्यवाद भी किया.

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