
Miyazaki Mango: बंगाल में उगाया गया दुनिया का सबसे महंगा आम, कीमत सुनकर हो जाएंगे हैरान
AajTak
पश्चिमी बंगाल में दुनिया का सबसे महंगा आम आम उगाया गया है. मियाजाकी आम जब पूरी तरह से पक जाता है तो इसका वजन 900 ग्राम तक पहुंच जाता है. इस आम का रंग लाल होता है. इसके अलावा इसमें अन्य आमों के मुकाबले रेशे बिल्कुल नहीं पाए जाते हैं. इस आम को एग ऑफ सन यानी सूर्य का अंडा भी कहा जाता है.
बंगाल तो वैसे अपने मालदा आम के लिए बेहद मशहूर है. बढ़िया स्वाद और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के चलते देश भर में इस आम की डिमांड बनी रहती है. बेहतर डिमांड के चलते इसकी कीमत भी बढ़िया होती है. अब इसी बंगाल में दुनिया के सबसे महंगे आम की भी खेती हो रही है. यहां के बीरभूम में दुबराजपुर में 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बिकने वाली जापान के मियाजाकी आम की खेती हो रही है.
मियाजाकी आम की हुई नीलामी
बीरभूम के दुबराजपुर की एक मस्जिद में लगा मियाज़ाकी आम का पेड़ राज्य भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. मियाजाकी आम शुरुआत में बैंगनी रंग का होता है. फिर पकते-पकते ये आम लाल रंग में तब्दील हो जाता है. एक आम का वजन तकरीबन 350 ग्राम होता है. मस्जिद अथॉरिटी ने 2 जून को इन आमों की नीलामी भी की. इस दौरान इन आमों की बिक्री लाखों में हुई. इन आमों से एकत्रित धन का उपयोग मस्जिद के विकास के लिए किया जाएगा.
दो साल पहले एक स्थानीय ने लगाया था पेड़
मस्जिद अथॉरिटी के मुताबिक, एक स्थानीय ग्रामीण ने दो साल पहले यहां आम का पेड़ लगाया था. हाल ही में ग्रामीणों को पता चला कि ये आम दुनिया का सबसे महंगा आम है. यह खबर फैलते ही लोगों के लिए ये आम आकर्षक का केंद्र बन गया.
इस आम को कहते हैं सूर्य का अंडा

आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई. रायवरम के पास लकड़ी की खदानों के नजदीक एक ट्रक ने एक निजी ट्रैवल बस को टक्कर मार दी. अचानक लगी आग में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई. इस घटना में 10 लोग जिंदा जल गए सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मियों मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया. दुर्घटना के समय बस में कितने लोग सवार थे, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.










