
Mainpuri: मुलायम सिंह यादव के गढ़ में सपा का दफ्तर कराया गया खाली, ये है पूरा मामला
AajTak
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के गढ़ मैनपुरी में ही समाजवादी पार्टी के वर्षों पुराने कार्यालय पर प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए कार्यालय को खाली करा दिया. सपा का नगर कार्यालय जिस जगह पर बना था वो जगह जिला पंचायत की ओर से आवंटित की गई थी. पूर्व सदर विधायक राजू यादव का कहना है कि ये कार्रवाई पूरी तरह से गलत है.
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में समाजवादी पार्टी (सपा) दफ्तर को जिला प्रशासन ने खाली करा दिया है. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के गढ़ मैनपुरी में ही समाजवादी पार्टी के वर्षों पुराने कार्यालय पर प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए कार्यालय को खाली करा दिया. सपा का नगर कार्यालय जिस जगह पर बना था वो जगह जिला पंचायत की ओर से आवंटित की गई थी.
उसी पट्टे को खारिज करते हुए प्रशासन ने कार्यालय खाली करा लिया. प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन किया गया है. वहीं सपा नेताओं का कहना है कि ये राजनैतिक द्वेष के कारण किया जा रहा है, हम लोग न्यायालय में मामले को लेकर जाएंगे. मैनपुरी के देवी रोड नगरपालिका के नजदीक सपा का नगर कार्यालय था.
इस पर जिला पंचायत विभाग के अपर मुख्य अधिकारी ओपी सिंह ने नौ सितंबर को नोटिस चस्पा कराया गया था. नोटिस में लिखा था कि सपा नगर कार्यालय के लिए जिला पंचायत की जमीन पर बने दो कक्षों का आवंटन किया गया था, कार्यालय दूसरी जगह बनने से पांच सितंबर को ये पट्टा खारिज कर दिया गया है, दो दिन में कार्यालय को खाली करा दिया जाए.
इसके बाद भी सपाइयों ने कार्यालय खाली नहीं किया तो प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस फोर्स के साथ सपा कार्यालय को खाली कराने पहुंचे और कार्यालय में रखा फर्नीचर तथा अन्य सामान ट्रैक्टर ट्रॉली में लदवा दिया गया. इसके बाद कार्यालय में ताला लगा दिया गया. साथ ही सपा के नगर कार्यालय के बोर्ड पर पेंट लगा दिया गया है.
इस मामले में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि 1994 में दस साल के लिए पट्टा दिया गया था फिर सपा कार्यालय के लिए 90 साल का पट्टा हुआ था, तब पार्टी का नया कार्यालय नहीं बना था, 9 सितंबर को शासन के निर्देश पर कार्यालय खाली करने के नोटिस दिया गया था.
शासन ने नया सपा कार्यालय बन जाने के बाद जिला पंचायत की जमीन खाली कराई है. यहां जिला पंचायत अपना कॉम्प्लेक्स बनाएगी. इस मामले में पूर्व सदर विधायक राजू यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे लेकिन उनको कोई राहत नहीं मिली. उनका कहना है कि ये कार्रवाई पूरी तरह से गलत है.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.









