
Lulu Mall Lucknow: लखनऊ के Lulu मॉल के बाहर बवाल, हनुमान चालीसा पाठ के लिए पहुंचे 15 लोग हिरासत में
AajTak
लखनऊ में लुलु मॉल के बाहर जुटे हिंदू महासभा के लोगों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन किया है. जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी यहां हनुमान चालीसा पढ़ने पहुंचे थे.
उत्तर प्रदेश की राजधानी में लुलु मॉल के बाहर एक बार फिर हिंदू महासभा के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के हाथों में भगवा झंडे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारी जय श्री राम का नारा भी लगा रहे थे.
बताया जा रहा है कि खुद को हिंदू संगठन से बताने वाले आदित्य मिश्रा और उसके समर्थकों ने मॉल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है. बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई. पुलिस ने करीब 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.
मॉल के अंदर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहते थे प्रदर्शनकारी
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी मॉल के अंदर हनुमान चालीसा पढ़ने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया. सूचना के बाद पहुंची पुलिस को देखकर कुछ प्रदर्शनकारियों भागने लगे. थोड़ी देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा. इसके बाद पुलिस ने मॉल के चारों ओर भाग रहे प्रदर्शनकारियों को पकड़ा.
बता दें कि इससे पहले भी हिंदू महासभा के लोगों ने लुलु मॉल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने शुक्रवार की शाम 6 बजे मॉल में सुंदरकांड का पाठ करने की घोषणा की थी. हालांकि उन्हें पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया था, लेकिन बिना इजाजत मॉल में धार्मिक कार्य करने पहुंचे 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
कैसे शुरू हुआ विवाद?

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.







