
Lok Sabha Election 2024 Phase 7 Voting Live: 46 दिन के चुनावी महायज्ञ की अंतिम आहुति आज, थोड़ी देर में 8 प्रदेशों की 57 सीटों पर वोटिंग
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लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण के तहत शनिवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा. सातवें चरण में सात राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश की 57 सीटों पर वोटिंग होगी. वोटिंग से जुड़ी हर जानकारी जानने के लिए बने रहें aajtak.in पर..
लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में शनिवार को सात राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश की 57 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है. जिन सीटों पर आज वोटिंग होगी, उसमें पंजाब और यूपी की 13-13 सीटें, पश्चिम बंगाल की 9 सीटें, बिहार की 8 सीटें, ओडिशा की 6 सीटें, हिमाचल प्रदेश की 4 सीटें, झारखंड की 3 सीट और एक चंडीगढ़ सीट शामिल है.
इस चरण में कई बड़े दिग्गजों की किस्मत दांव पर है. इस फेज में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर हमीरपुर से, ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर से, लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती पाटलिपुत्र और एक्ट्रेस कंगना रनौत मंडी सीट से मैदान में हैं. सातवें चरण की वोटिंग से जुड़ी पल-पल की अपडेट जानने के लिए बने रहें aajtak.in पर...

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










