
LIVE: वाराणसी में पीएम मोदी का 3 KM लंबा रोड शो, सरदार पटेल की मूर्ति पर किया माल्यार्पण, बाबा विश्वनाथ के करेंगे दर्शन
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उत्तर प्रदेश 2022 के विधानसभा चुनाव का ग्रैंड फिनाले वाराणसी में होने जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है. पीएम मोदी 2017 की तरह चुनाव प्रचार के अंतिम दो दिन काशी में कैंप कर पूर्वांचल में बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाएंगे. वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी काशी में रोड शो कर अपना दमखम दिखाएंगे.
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो की शुरुआत हो गई है. पीएम मोदी ने गोदौलिया में सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर रोड शो की शुरुआत की. पीएम मोदी मलदहिया से गोदौलिया तक 3 किलोमीटर लंबा रोड शो कर रहे हैं. पीएम मोदी का रोड शो बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर तक जाएगा जहां पीएम मोदी काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे. मोदी वाराणसी के तीन विधानसभा क्षेत्रों कैंट, शहर उत्तरी और शहर दक्षिणी में रोड शो करके बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रधानमंत्री श्री @narendramodi वाराणसी में रोड शो करते हुए...#मोदीमय_काशीhttps://t.co/XBQbGR5zqQ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







