
KING ऑन FIRE... सवाल यह नहीं कि विराट कोहली कब तक खेलेंगे, सवाल है- कौन उन्हें रोकेगा?
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37 साल की उम्र में भी विराट कोहली का बल्ला पूरी धार के साथ चल रहा है. विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में दिल्ली की ओर से खेलते हुए उन्होंने आंध्र के खिलाफ 131 और गुजरात के खिलाफ 77 रनों की दमदार पारियां खेलकर साबित कर दिया कि घरेलू क्रिकेट में भी उनका स्तर सबसे अलग है. यह प्रदर्शन अचानक नहीं, बल्कि लगातार शानदार फॉर्म का नतीजा है.
क्रिकेट में उम्र अक्सर सबसे बड़ा सवाल बन जाती है. 30 के बाद फिटनेस, 35 के बाद रिफ्लेक्स और 37 के बाद भविष्य... लेकिन विराट कोहली इस तयशुदा स्क्रिप्ट को सालों से अपने बल्ले से काटते आ रहे हैं. 37 साल के किंग का बल्ला आज भी उसी आत्मविश्वास से चलता है, जैसे वह पहली बार नीली जर्सी पहनकर मैदान में उतरे हों.
विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली की ओर से उतरते ही कोहली ने साफ कर दिया कि घरेलू क्रिकेट उनके लिए ‘कम्फर्ट जोन’ नहीं, बल्कि स्टेटमेंट प्लेटफॉर्म है. शुक्रवार, 26 दिसंबर को बेंगलुरु के BCCI Centre of Excellence, ग्राउंड-1 पर गुजरात के खिलाफ 61 गेंदों में खेली गई उनकी 77 रनों की पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं थी- यह उस अनुभव का प्रदर्शन थी, जो सालों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे ऊंचे स्तर पर तपकर तैयार हुआ है.
दो दिन पहले ही दिखा था कोहली का विराट अवतार
इससे महज दो दिन पहले, 24 दिसंबर को आंध्र के खिलाफ विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में वह पारी खेली, जिसने टूर्नामेंट का रंग ही बदल दिया. 101 गेंदों में 131 रन- क्लासिक कवर ड्राइव, सटीक पुल और गैप में जाती गेंदें... यह पारी बताती हैं कि कोहली आज भी पारी गढ़ना जानते हैं, हालात पढ़ते हैं और फिर मैच को अपनी शर्तों पर ले जाते हैं.
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घरेलू गेंदबाजों के लिए यह सिर्फ एक मुकाबला नहीं था, बल्कि एक सबक था कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव कैसे दबाव को मौके में बदल देता है.

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