
Karnataka Hijab Row: हिजाब पर बैन सही है? संविधान और कोर्ट के फैसलों के नजरिए से समझिए
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Karnataka Hijab Row: कर्नाटक हिजाब विवाद के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि क्या शिक्षण संस्थान में धार्मिक वेशभूषा को पहनकर आने की संवैधानिक आजादी है या नहीं? इसपर संविधान के जानकार कहते हैं कि किसी भी शैक्षणिक परिसर में किसी व्यक्ति को उसकी अनिवार्य धार्मिक वेशभूषा के आधार पर नहीं रोका जा सकता है हालांकि उन्हें साबित करना होगा कि ये वेशभूषा धार्मिक रूप से अनिवार्य है. इसके पीछे संविधान के 2 आर्टिकल महत्वपूर्ण हैं. पहला आर्टिकल 25 जिसके अनुसार सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है और दूसरा आर्टिकल 15 (1) जिसके मुताबिक राज्य किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म, लिंग, जन्मस्थान और वंश के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता है. देखें वीडियो.

राजस्थान के कोटपूतली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक हाईटेंशन विद्युत लाइन को छूने के इरादे से बिजली के खंभे पर चढ़ गया. युवक को खंभे पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों की समझाइश से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.












