
J&K पुलिस की जांच ने कैसे देश दहलने से बचाया? JeM के पोस्टर से दिल्ली ब्लास्ट तक... पढ़ें पूरी टाइमलाइन
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नौगाम में जैश-ए-मोहम्मद के धमकी वाले पोस्टर चिपके मिलने के मामूली सी दिखने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच ने एक बड़े आतंकी साजिश को विफल कर दिया. जेके पुलिस ने एक ऐसे 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' का भंडाफोड़ किया, जिसमें डॉक्टरी जैसे सम्मानित पेशे वाले लोग देश को दहलाने की प्लानिंग कर रहे थे.
जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक साधारण सी लगने वाली जांच ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनने जा रहे एक बड़े टेरर नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. श्रीनगर के नौगाम इलाके में 19 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कुछ पोस्टर्स चिपके मिले थे. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और देखते-देखते पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े 'व्हाइट कॉलर टेटर मॉड्यूल' की परतें खुलती चली गईं.
इस मॉड्यूल में कट्टरपंथी बन चुके डॉक्टर, छात्र, मौलवी और अन्य पेशेवर लोग शामिल थे, जो एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत के अलग-अलग शहरों में बड़े हमलों की साजिश रच रहे थे. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ जॉइंट ऑपरेशन में 2900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री, दो एके-47 राइफलें और अन्य हथियार बरामद किए, जबकि इस टेरर मॉड्यूल से जुड़े 9 लोगों संदिग्धों को गिरफ्तार किया है.
व्हाइट कॉलर जॉब की आड़ में आतंक का खेल
मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी फरार था, और 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास i20 कार में हुए ब्लास्ट में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हो चुकी है. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और इस मामले की जांच कर रहीं अन्य सेंट्रल एजेंसियों का मानना है कि i20 कार आतंकी उमर नबी ही ड्राइव कर रहा था, जिसमें विस्फोटक रखा था. कार में उसके अलावा दो और संदिग्ध सवार थे. 10 नवंबर की शाम 6:52 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग के ट्रैफिक सिग्नल पर कार जब धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी, तभी उसमें रखा विस्फोटक अनजाने में डेटोनेट हो गया. आतंकी उमर और दो अन्य के इस ब्लास्ट में मारे जाने की आशंका है.
यह मामला इसलिए चिंतित करने वाला है क्योंकि इसमें डॉक्टर जैसे सम्मानित पेशे के लोग शामिल थे, जो अपनी व्हाइट कॉलर जॉब की आड़ में देश को दहलाने के लिए हथियार और विस्फोटक जमा कर रहे थे. जांच में इन आरोपियों का पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बैठे हैंडलर्स के साथ टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से संपर्क में होने का खुलासा हुआ है.
इस केस की पूरी टाइमलाइन

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