
J-k: कश्मीर में पहली बार आतंकियों के पास से मिले Sticky bombs, जानिए ये कितने खतरनाक होते हैं?
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बारामूला के सोपोर में एक आतंकी के पास से स्टिकी बम मिला था. घाटी में इस तरह की घटनाएं बढ़ गई हैं. सोपोर के पुलिस अधीक्षक शब्बीर नवाब के मुताबिक स्टिकी बम एक तरह का एक चुंबकीय बम है. ये आसानी से गाड़ियों में चिपक जाते हैं. साथ ही ये काफी खतरनाक होते हैं. जो कि गाड़ी के परखच्चे उड़ा सकते हैं.
जम्मू कश्मीर के बारामूला के सोपोर में सुरक्षाबलों ने एक 'हाइब्रिड'आतंकी के पास से 'स्टिकी बम' (Sticky Bombs) बरामद किए थे. आतंकी की पहचान साकिब शकील डार के रूप में हुई है. आतंकी को शनिवार की शाम गिरफ्तार किया गया था, जबकि पुलिस ने ये जानकारी रविवार को दी थी. लेकिन हाल के दिनों में कश्मीर घाटी में स्टिकी बम मिलने की घटनाएं बढ़ी हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि सोपोर में पहली बार स्टिकी बम बरामद हुए हैं. जानते हैं कि स्टिकी बम क्या होते हैं और कितने खतरनाक होते हैं.
क्या होते हैं स्टिकी बम?
सोपोर के पुलिस अधीक्षक शब्बीर नवाब के मुताबिक स्टिकी बम एक तरह का एक चुंबकीय बम है. बम पर एक चिपचिपा पदार्थ लगा हुआ होता है जो कि गाड़ियों पर आसानी से चिपक जाता है. इतना ही नहीं, इस तरह के बमों को रिमोट के जरिए दूर से भी कंट्रोल किया जा सकता है. स्टिकी बम आकार में बेहद छोटे होते हैं. स्टिकी बम को IED की तरह इस्तेमाल किया जाता है. स्टिकी बम कश्मीर में पिछली फरवरी के बाद चर्चा में आए थे. इन्हें सबसे पहले जम्मू के सांबा से बरामद किया गया था. स्टिकी बम का इस्तेमाल अफगानिस्तान और इराक में होता है.
कितने खतरनाक हैं स्टिकी बम?
स्टिकी बम एक चुंबकीय बम है. जो एक वाहन से चिपक जाता है, यह एक हाई एक्सप्लोसिव होने के साथ ही काफी विध्वंसक होते हैं. स्टिकी बम जान-माल को काफी नुकसान पहुंचता है. स्टिकी बम का इस्तेमाल दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना ने भी किया था. स्टिकी बम को मेटल की सतह पर आसानी से चिपकाया जा सकता है. इसलिए इसे यूज करना आसान होता है. इतना ही नहीं, स्टिकी बम को रिमोट कंट्रोल या टाइमर के जरिए ब्लास्ट किया जा सकता है.
क्या होते हैं हाइब्रिड आतंकवादी

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