
India vs Pakistan: भारत-पाकिस्तान टीम के बंटवारे की कहानी, जानिए गुल-इलाही-कारदार की अजब दास्तां
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1947 भारत और पाकिस्तान के विभाजन के साथ ही क्रिकेट और हॉकी टीम का भी बंटवारा हुआ था. तब तीन ऐसे क्रिकेटर रहे, जो पहले भारत और फिर पाकिस्तान टीम से क्रिकेट खेले थे. इनमें से एक क्रिकेटर अब्दुल हफीज कारदार तो भारतीय टीम से खेलने के बाद पाकिस्तान की पहली टीम के कप्तान भी बने थे...
India vs Pakistan: सन् 1947 का वह दौर जब भारत और पाकिस्तान अलग हुए थे. यह खेल के लिहाज से भी एक अलग ही दौर रहा था, क्योंकि सिर्फ दो देशों का ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का भी बंटवारा हुआ था. कौन खिलाड़ी किस देश में रहेगा और कहां से खेलेगा. यह भी अजीब पसोपेश रही थी.
चूंकि भारत से पाकिस्तान को अलग होना था. इससे पहले पाकिस्तान का वजूद नहीं था. ऐसे में जाहिर बात थी कि पाकिस्तान की ही नई टीम बननी थी और भारत छोड़ने वाले खिलाड़ियों को मिलाकर ही पाकिस्तान की क्रिकेट, हॉकी और बाकी टीमें बननी थीं. इसमें क्रिकेट का रोल कुछ अलग ही था.
पाकिस्तान की पहली सीरीज में उसके खिलाफ खेले गुल मोहम्मद
उस दौर में भारत में क्रिकेट ज्यादा प्रचलित नहीं था. ओलंपिक में सबसे ज्यादा गोल्ड जीतने वाली हॉकी टीम का ही दबदबा रहा था. क्रिकेट का एशिया में वर्चस्व 1983 के बाद आया, जब भारतीय टीम ने कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था. खैर बात बंटवारे के दौर की चल रही है, तो उस वक्त भारतीय टीम से खेलने वाले तीन ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्हें किस देश में रहना है, यह फैसला करना था.
यह खिलाड़ी स्पिन ऑलराउंडर अब्दुल हफीज कारदार, तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर गुल मोहम्मद के साथ आमिर इलाही थे. इलाही मिडिल पेसर और स्पिनर दोनों ही थे. इन तीनों ही खिलाड़ियों की दास्तां अजब रही है. इनमें से कारदार और इलाही ने पाकिस्तान जाना और वहीं की टीम से खेलने का फैसला किया. जबकि गुल ने भारतीय टीम से खेलने का फैसला किया. गुल ने पाकिस्तान की पहली सीरीज में उसके खिलाफ ही मैच खेला था.
मगर गुल का भारत के लिए खेलने का यह फैसला भी सिर्फ 1952 तक के लिए था. इस साल भारत-पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज खेली गई थी. इसी के बाद से गुल ने पाकिस्तान के लिए खेलने का फैसला किया था.

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