
Ind Vs Pak: T20 WC के लिए रवाना हुई PAK टीम, फैंस ने कहा- इंडिया के खिलाफ जीतकर आना वरना...
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टी-20 वर्ल्डकप में होने वाले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले पर हर किसी की नज़रें टिकी हैं. पाकिस्तान की टीम यूएई के लिए रवाना हो चुकी है, बाबर आजम ने जो फोटो ट्वीट की उसपर लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया.
Ind Vs Pak: टी-20 वर्ल्डकप के शुरू होने में अब सिर्फ कुछ ही वक्त बचा है. आईपीएल के तुरंत बाद वर्ल्डकप की शुरुआत होनी है और हर किसी की नज़र 24 अक्टूबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच पर टिकी है. 24 October wala match jeeta dena warna gar annay nhi degay Mauka mauka pic.twitter.com/bHeMWNtpCg 🇵🇰👍 Give your best Captain! Believe in your abilities! You've got matchwinners including yourself and so Pakistan is capable of winning #T20WorldCup . The nation stands behind you with all the support and prayers! Asif Ali k pass konsi geedarsingi hai Jo isko Bina performance k khilaye ja rahe ho Iftikhar ko iski jaga khilao

मेट्रो की छत फाड़कर नीचे निकला बोरवेल... 100 फीट नीचे बनी सुरंग में हुआ 6 इंच का छेद, ठेकेदार पर केस
पुणे के शिवाजी रोड इलाके में एक निजी बोरवेल की खुदाई के दौरान पुणे मेट्रो की भूमिगत सुरंग में छेद होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस लापरवाही ने न केवल करोड़ों की मेट्रो परियोजना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे दिया था.

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.









