
IND vs AUS 4th Test: राहुल 0, कोहली 5, रोहित 9... MCG में दिग्गजों ने किया बेड़ागर्क, अकेले यशस्वी क्या करते?
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340 रनों के टारगेट को चेज करना कभी आसान नहीं होता है. लेकिन एमसीजी की पिच जैसी खेल रही थी, वैसे में भारत के धुरंधरों से उम्मीद थी. इन उम्मीदों पर भारतीय बल्लेबाजों ने पानी फेर दिया. केवल यशस्वी ही अच्छी पारी खेल सके.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज के तहत 5 मैचों की सीरीज खेली जारी है. इस सीरीज का चौथा मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला गया, जहां भारतीय टीम को 184 रनों से हार का सामना करना पड़ा. भारत को जीत के लिए 340 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम मैच के पांचवें दिन (30 दिसंबर) के आखिरी सेशन में 155 रनों पर सिमट गई. अब टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 3 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा.
रोहित ब्रिगेड मैच को ड्रॉ भी नहीं करा सकी, दिग्गज हुए फ्लॉप
देखा जाए तो 340 रनों के टारगेट को चेज करना... वो भी चौथी पारी में आसान नहीं होता है. लेकिन एमसीजी की पिच जैसी खेल रही थी, वैसे में भारत के धुरंधरों से उम्मीद तो थी ही. भारत को यदि जीत हासिल करनी थी तो 92 ओवरों में ये टारगेट चेज करना था, लेकिन जीत तो दूर भारतीय टीम मैच को ड्रॉ भी नहीं करा सकी. मैच की चौथी पारी में विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और नीतीश रेड्डी खरे नहीं उतरे. ये पांचों सूरमा चौथी पारी में सस्ते में निपट गए. ये पांचों खिलाड़ी क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सके. ये खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाजों स्कॉट बोलैंड और नाथन लायन से प्रेरणा ले सकते थे, जिन्होंने 20 ओवर्स बल्लेबाजी की.
कब तक एक ही तरीके से आउट होंगे कोहली?
पहले कप्तान रोहित शर्मा पवेलियन लौटे, जो फ्लिक शॉट मारने के प्रयास में पैट कमिंस की बॉल पर गली रीजन में मिचेल मार्श के हाथों कैच आउट कराया. रोहित थोड़े सेट हो चुके थे और आउट होने से पहले 39 गेंदें खेली थीं. केएल राहुल के डिफेंस की काफी तारीफ हो रही थी, लेकिन इस इनिंग्स में वो सिर्फ 5 गेंद खेल सके. राहुल को भी कमिंस ने चलता कर दिया. फिर विराट कोहली भी 5 रन बनाकर मिचेल स्टार्क की गेंद पर ख्वाजा को कैच थमा बैठे. कोहली की पुरानी कमजोरी इस पारी में भी पीछा नहीं छोड़ी और वह ऑफ-स्टम्प से बाहर जाती बॉल पर आउट हुए.
यशस्वी ने की पंत संग पार्टनरशिप... फिर लगातार गिरे विकेट

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












