
Imran Khan Vs Shehbaz Sharif: सियासी लड़ाई के जरिये गृहयुद्ध के तरफ बढ़ रहा है पाकिस्तान?
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पाकिस्तान में खान साब नाकाम रहे और शाहबाज शऱीफ की नई सरकार भी कांप रही है. कुर्सी गंवाने के बाद इमरान आजादी मार्च का झंडा थामे इस्लामाबाद की सड़कों पर उतरे तो मुल्क हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ की आंच में दहकने लगा, जैसे आजादी मार्च के नाम पर खुले आतंक की छूट मिल गई हो. इमरान सड़क पर आ चुके हैं तो सवाल ये है कि शाहबाज कब तक शरीफ बने रहेंगे? क्या ये लड़ाई पाकिस्तान को गृहयुद्ध के रास्ते पर ढकेल रही है? पाकिस्तान में हालाता ना पुरानी सरकार के काबू में थे और ना शाहबाज की नई सरकार लगाम लगा पा रही है. महंगाई ने जीना मुहाल कर रखा है और ताजा फैसला एक झटके में 30 रुपए तक तेल के भाव बढाने वाला है. पेट्रोल 180 रुपए लीटर के भाव है तो डीजल 175. सवाल ये है कि क्या इकॉनमी के फ्रंट पर फेल श्रीलंका की तरह पाकिस्तान भी सिविल वॉर का मैदान ना बन जाएगा? देखें ये खास रिपोर्ट.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











