
कौन है बांग्लादेशी जनरल अमान आजमी, जो भारत को टुकड़े-टुकड़े करने के सपने देखता है?
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बांग्लादेश की आर्मी से रिटायर होने के बाद ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल्लाहिल अमान आजमी का मुख्य काम भारत विरोध बन गया है. इस जनरल का मानना है कि भारत बांग्लादेश में अस्थिरता को बढ़ावा देता है. पाकिस्तान की 'ब्लीड इंडिया विद थाउजैंड कट्स' जैसी दूषित नीति से प्रभावित ये जनरल कहता है कि बांग्लादेश में तब तक शांति नहीं आ सकती, जबतक भारत के टुकड़े-टुकड़े न हो जाए.
1971 में जब बांग्लादेश बना तो इस जनरल की उम्र 13 वर्ष थी. जमात-ए-इस्लामी नेता गुलाम आजम के बेटे अब्दुल्लाहिल अमान आजमी को 13 साल में इतनी तो समझ थी कि वो ये जान पाता कि बांग्लादेश बनाने के लिए भारत ने क्या किया, क्या-क्या कुर्बानियां दी. लेकिन घर और मोहल्ले में कट्टर माहौल ने इसे हकीकत नहीं समझने दी.
अब्दुल्लाहिल अमान आजमी के पिता गुलाम आजम पर 1971 की जंग के दौरान पाकिस्तान के पक्ष में काम करने का दोषी पाया है. इस पर नरसंहार के दोष साबित हुए हैं. और बांग्लादेश की ट्रिब्यूनल ने गुलाम आजम को सजा सुनाई है. इस शख्स की मौत जेल में ही हुई है.
बांग्लादेश के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल्लाहिल अमान आजमी ने भारत के खिलाफ जहरीली बयानबाजी से विवाद खड़ा कर दिया है. ढाका के नेशनल प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में आजमी ने खुलेआम कहा, "जब तक भारत टुकड़ों में बंट नहीं जाता, तब तक बांग्लादेश को पूर्ण शांति नहीं मिलेगी."
अब्दुल्लाहिल अमान आजमी का यह बयान न सिर्फ भड़काऊ माना जा रहा है, बल्कि इसे क्षेत्रीय शांति के लिए बहुत बड़ा खतरा भी बताया जा रहा है. आजमी ने भारत पर उस पर आरोप लगाए कि भारत पूर्वोत्तर भारत व बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में अलगाववादियों को मदद देता रहा, हथियार और प्रशिक्षण दिया और पाकिस्तान की तरह भारत या भारत समर्थक ताकतों का उद्देश्य बांग्लादेश और क्षेत्र में अशांति फैलाना है.
ब्रिगेडियर जनरल आजमी ने 1979 में बांग्लादेश मिलिट्री अकेडमी में दाखिला लिया. आजमी 14वीं ईस्ट बंगाल रेजिमेंट से जुड़ा रहा. इसके बाद इसकी कट्टरता और भी बढ़ गई. उनका नाम अक्सर बांग्लादेश में हो चुके कई विवादों से जुड़ा है. 2009 में जब शेख हसीना की सरकार आई तो आजमी को बांग्लादेश आर्मी से निकाल दिया गया था. तब बांग्लादेश की सरकार ने इसकी कोई वजह भी नहीं बताई थी. बर्खास्तगी के समय इस जनरल के पास ब्रिगेडियर जनरल का पद था. आजमी की बर्खास्तगी को बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद वापस ले लिया गया.
यूनुस प्रशासन ने 26 दिसंबर 2024 को इसे रिटायर कर दिया.

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