
साल 2026 में इन भारतीयों के पास कनाडा PR का मौका, H-1B वीजा वालों के लिए भी आसान होगा रास्ता
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कनाडा अगले साल PR के लिए कई नए रास्ते खोलने जा रहा है, जिससे भारतीय प्रोफेशनल्स खासकर टेक, हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन और केयरगिविंग सेक्टर में काम करने वालों के लिए अवसर होंगे. नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा अमेरिका में H-1B वीज़ा पर फंसे भारतीयों, कनाडा में पहले से वर्क परमिट पर मौजूद लोगों और ग्रामीण इलाकों में बसने को तैयार लोगों को मिलेगा.
कनाडा अगले साल यानी 2026 में स्थायी निवास (PR) के लिए कई नए रास्ते शुरू करने जा रहा है. कनाडा सरकार का उद्देश्य उन लोगों को प्राथमिकता देना है जो पहले से कनाडा में रहकर पढ़ाई, नौकरी या किसी और अस्थायी वीज़ा पर काम कर रहे हैं यानी अस्थायी निवासी (Temporary Residents) को स्थायी निवासी (Permanent Residents) बनाना. वहीं, 2025 में कई PR पायलट प्रोजेक्ट अपनी सीमा पूरी होने की वजह से बंद हो गए थे, 2026 में इनमें से कई फिर से खुलेंगे. आइये जानते हैं, किन लोगों के लिए PR पाने का मौका मिल सकता है.
अस्थायी निवासी से स्थायी निवासी (TR to PR)
सरकार की Immigration Levels Plan 2026-2028 में बताया गया है कि 2026 और 2027 के बीच कुल 33,000 अस्थायी वर्क परमिट धारकों को PR दिया जाएगा. यह उन लोगों के लिए है, जो कनाडा में नौकरी कर रहे हैं, टैक्स भर रहे हैं, समाज में घुल-मिल चुके हैं और लंबे समय से कनाडा में बसे हुए हैं. 2021 में ऐसा ही एक TR to PR पायलट चला था, जो लॉन्च होते ही भर गया था. हालांकि सरकार ने अभी तक इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ की लिस्ट और सटीक नियम जारी नहीं किए हैं.
अमेरिकी H-1B वीज़ा धारकों के लिए PR पाने का तेज़ रास्ता
कनाडा की 2025 बजट घोषणा में बताया गया कि अमेरिका में H-1B पर काम कर रहे लोगों को कनाडा एक तेज़ PR रास्ता देगा. यह नया कार्यक्रम कनाडा की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार देश में टेक, हेल्थकेयर और रिसर्च जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाले उच्च-कुशल प्रोफेशनल्स को अपने देश का हिस्सा बनाना चाहती है. साल 2023 में भी ऐसा सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जिसमें 10,000 H-1B धारकों को 3-साल का ओपन वर्क परमिट दिया गया था और यह सीमा कुछ ही दिनों में पूरी हो गई थी.
अधिकारियों ने बताया है कि यह नया मार्ग कुछ महीनों में शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक इसकी सटीक तारीख और पूरी पात्रता का ऐलान नहीं किया गया है. ये उन भारतीयों के लिए खुशखबरी हैं अमेरिका में H-1B वीज़ा पर काम कर रहे हैं और अमेरिका छोड़ना चाहते हैं.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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