
IAF's BrahMos Test: सुखोई फाइटर जेट से ब्रह्मोस के नए अवतार की सफल टेस्टिंग, घातक स्पीड से किया टारगेट का खात्मा
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भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) ने 28 दिसंबर 2022 को ने ब्रह्मोस एक्सेटेंडेड एयर वर्जन का सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट से सफल परीक्षण किया है. मिसाइल ने घातक स्पीड के साथ टारगेट को खत्म कर दिया. जानिए इस मिसाइल की ताकत, रेंज और मारक क्षमता.
भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) ने ब्रह्मोस एक्सटेंडेड एयर वर्जन का सुखोई-30 एमकेआई से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. यह मिसाइल एंटी-शिप वैरिएंट थी. यानी सुखोई से इस मिसाइल को दाग कर दुश्मन के जंगी जहाजों को डुबोया जा सकता है. परीक्षण के दौरान मिसाइल ने टारगेट शिप को ध्वस्त कर दिया. इस मिसाइल की रेंज 400 किलोमीटर है.
इस टेस्टिंग के साथ ही भारतीय वायुसेना ने सुखोई फाइटर जेट से जमीन या समुद्र में लंबी दूरी के टारगेट्स पर निशाना लगाने की मारक क्षमता हासिल कर ली है. प्रेसिसन स्ट्राइक करने की क्षमता बढ़ गई है. परीक्षण में भारतीय वायुसेना के साथ DRDO, भारतीय नौसेना, बीएपीएल और HAL शामिल थे. ब्रह्मोस के इस वर्जन से सुखोई की मारक क्षमता बढ़ गई है.
यानी फाइटर जेट के जरिए समुद्र में 400 किलोमीटर दूर मौजूद दुश्मन के जंगी जहाज को नष्ट किया जा सकता है. यानी हमारे फाइटर जेट हवा में रहते हुए दुश्मन के ठिकानों को इतनी दूर से ही ध्वस्त कर सकते हैं. कुछ महीने पहले भी इसी फाइटर जेट से Indian Navy के डिकमीशन्ड जहाज पर ब्रह्मोस मिसाइल से लाइव फायर किया गया था. मिसाइल ने जहाज में एक बड़ा गड्ढा कर दिया था.
Indian Air Force today successfully fired the Extended Range Version of Brahmos Air Launched missile against a Ship Target from a SU-30MKI aircraft. pic.twitter.com/n3jG97xQwK
भारत सरकार अपनी टैक्टिकल मिसाइलों की रेंज बढ़ा रही है. भारतीय वायुसेना के 40 सुखोई-30 MKI फाइटर जेट पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलें तैनात हैं. पिछले साल 8 दिसंबर 2021 वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमके-1 में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एयर वर्जन का सफल परीक्षण किया गया. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को पूरी तरह से देश में ही विकसित किया गया है. इसमें रैमजेट इंजन (Ramjet Engine) तकनीक का उपयोग किया गया है. ताकि इसकी गति और सटीकता और ज्यादा घातक हो जाए.

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