
Explained: पेट्रोल-डीजल को आखिर GST में शामिल करने से क्यों कतरा रही हैं सरकारें? आंकड़ों से समझिए
ABP News
जिस पेट्रोल और डीजल ने मिडिल क्लास की गृहस्थी का माइलेज बिगाड़ कर रख दिया है. सरकार चाहे तो उसकी कीमत एक पल में आधी हो सकती है.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने टैक्स सिस्टम में रिफॉर्म्स की जरूरत बताते हुए GST को लागू किया था. लेकिन इसी GST में पेट्रोल-डीजल को शामिल नहीं किया जा रहा. राज्य सरकारें भी नहीं चाहतीं कि पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आए. लेकिन सवाल यहां ये है कि आखिर क्यों? तो इस सवाल का जवाब आपको हम यहां बता रहे हैं.
पेट्रोल-डीजल को न तो केंद्र और न ही राज्य सरकारें GST के दायरे में लाना चाहती हैं. क्योंकि सरकारों को लगता है कि आम आदमी की जेब भरने के चक्कर में उसका ही खजाना खाली हो जाएगा. अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आधी हो जाएंगी. पेट्रोल 56 रुपये प्रति लीटर मिलेगा और डीजल 55 रुपये प्रति लीटर बिकेगा.

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